विधानसभा चुनाव 2026: 5 राज्यों में चुनाव का ऐलान, जानें कब होगी वोटिंग और कब आएंगे नतीजे
विधानसभा चुनाव 2026 लाइव अपडेट: पश्चिम बंगाल में दो चरणों में चुनाव, असम, केरल, तमिलनाडु और पुदुचेरी में एक चरण में मतदान
देशभर में लोकतंत्र का उत्सव शुरू होने जा रहा है। गणेश कुमार ने आज (15 मार्च, 2026) नई दिल्ली के विज्ञान भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुदुचेरी में विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा की। उनके साथ चुनाव आयुक्त सुुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी मौजूद रहे।
विशेष विवरण: मतदाता सूची और SIR
चुनाव आयोग ने विशेष गहन संशोधन (Special Intensive Revision – SIR) के तहत अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की है। CEC गणेश कुमार ने BLOs की सराहना की और कहा कि उनके काम ने चुनाव प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सटीक बनाया है।
पश्चिम बंगाल में दो चरणों में चुनाव
पश्चिम बंगाल में चुनाव दो चरणों में होंगे:
पहला चरण:
- घोषणा: 30 मार्च 2026
- नामांकन की अंतिम तिथि: 6 अप्रैल 2026
- नामांकन की जांच: 7 अप्रैल 2026
- नाम वापस लेने की अंतिम तिथि: 9 अप्रैल 2026
- मतदान: 23 अप्रैल 2026
- मतगणना: 5 मई 2026
दूसरा चरण:
- घोषणा: 2 अप्रैल 2026
- नामांकन की अंतिम तिथि: 9 अप्रैल 2026
- नामांकन की जांच: 10 अप्रैल 2026
- नाम वापस लेने की अंतिम तिथि: 13 अप्रैल 2026
- मतदान: 29 अप्रैल 2026
- मतगणना: 5 मई 2026
अन्य राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश के मतदान तिथियाँ
- तमिलनाडु: मतदान 23 अप्रैल, 2026
- पुदुचेरी: मतदान 9 अप्रैल, 2026
- केरल: मतदान 9 अप्रैल, 2026
- असम: मतदान 9 अप्रैल, 2026
सभी राज्यों में मतगणना एक साथ 5 मई, 2026 को होगी।
100% वेबकास्टिंग और ईसीआईनेट ऐप
CEC गणेश कुमार ने बताया कि इस बार हर मतदान केंद्र पर 100% वेबकास्टिंग की जाएगी। इसके तहत प्रत्येक मतदान केंद्र के प्रेसीडिंग ऑफिसर हर दो घंटे में मतदान की संख्या दर्ज करेंगे, ताकि मीडिया और जनता को वास्तविक मतदान प्रतिशत उपलब्ध हो।
सभी आवश्यक जानकारी अब ECINET मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से उपलब्ध होगी। इस ऐप में मतदाता, उम्मीदवार और अन्य सभी संबंधित पक्षों के लिए जरूरी सूचनाएँ एक साथ उपलब्ध कराई गई हैं।
चुनाव आयोग की पारदर्शिता और 30 नई पहलें
चुनाव आयोग ने पिछले 12 महीनों में 30 से अधिक नई पहलें की हैं, ताकि मतदाता अनुभव को और अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जा सके। इनमें शामिल हैं:
- मतदान केंद्रों के बाहर मोबाइल जमा करना
- ईवीएम पर उम्मीदवारों की रंगीन तस्वीरें
- अधिकतम 1,200 मतदाता प्रति मतदान केंद्र
- मतदान केंद्र के 100 मीटर के भीतर उम्मीदवार बूथ
- मतदान केंद्र और मतदाता की स्पष्ट संख्या
CEC गणेश कुमार ने कहा, “SIR इस तरह की पारदर्शिता और मतदाता अनुभव को बढ़ाने वाली कई पहलों में पहला कदम है।”
यह चुनाव न केवल राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में सरकार बनाने का अवसर है, बल्कि लोकतंत्र की शक्ति को मजबूत करने और हर मतदाता के अधिकार को सुरक्षित करने का प्रतीक भी है।





