केरोसिन अब पेट्रोल पंप पर भी मिलेगा: 60 दिन के लिए PDS नियमों में बड़ी राहत, सरकार का बड़ा फैसला
मिडिल ईस्ट संकट के बीच केंद्र का बड़ा फैसला: अब पेट्रोल पंपों पर भी मिलेगा केरोसिन, 60 दिन के लिए PDS नियमों में ढील

मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव, खासकर ईरान और इज़राइल से जुड़े संघर्ष के चलते वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है। इसी के मद्देनज़र भारत सरकार ने आम नागरिकों को राहत देने के लिए एक अहम फैसला लिया है। केंद्र ने 60 दिनों के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के नियमों में अस्थायी ढील देते हुए केरोसिन (मिट्टी का तेल) की सप्लाई को आसान बनाने की घोषणा की है।
पेट्रोल पंपों पर भी मिलेगा केरोसिन
अब तक केरोसिन मुख्य रूप से राशन की दुकानों के जरिए वितरित किया जाता था, लेकिन नई व्यवस्था के तहत इसे पेट्रोल पंपों पर भी उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार ने निर्देश दिया है कि हर जिले में अधिकतम दो पेट्रोल पंपों को चुना जाएगा, जहां केरोसिन की बिक्री की जा सकेगी। इन पंपों पर अधिकतम 5,000 लीटर तक केरोसिन स्टोर करने की अनुमति होगी।
यह सुविधा सरकारी तेल कंपनियों—Indian Oil, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum—के जरिए लागू की जाएगी।
21 राज्यों में फिर शुरू होगा PDS केरोसिन
सरकार ने उन 21 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में भी अस्थायी रूप से PDS केरोसिन को फिर से शुरू करने का फैसला किया है, जिन्हें पहले ‘केरोसिन मुक्त’ घोषित किया जा चुका था। इसका उद्देश्य उन परिवारों को राहत देना है, जो एलपीजी की कमी या आपूर्ति में बाधा के कारण परेशानी का सामना कर रहे हैं।
क्यों लिया गया यह फैसला?
सरकार के अनुसार, मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं, जो 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी हैं। इससे घरेलू स्तर पर गैस और ईंधन की सप्लाई पर दबाव बना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हाल ही में अपने कार्यक्रम मन की बात के 132वें एपिसोड में इस संकट का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया ऊर्जा संकट का सामना कर रही है, लेकिन भारत इस चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
नियमों में क्या बदलाव किए गए?
सरकार ने सप्लाई चेन को तेज और आसान बनाने के लिए कई अहम छूट दी हैं:
- केरोसिन डीलरों और एजेंटों को लाइसेंस लेने से अस्थायी छूट
- टैंकरों से केरोसिन उतारने और परिवहन के नियमों में सरलता
- पेट्रोल पंपों पर स्टोरेज और वितरण की अनुमति
- अंतिम उपभोक्ता तक तेज सप्लाई सुनिश्चित करने के उपाय
- केवल घरेलू उपयोग के लिए ही मिलेगा केरोसिन
सरकार ने साफ किया है कि केरोसिन की आपूर्ति सिर्फ घरेलू जरूरतों—जैसे खाना पकाने और रोशनी—के लिए ही की जाएगी। इसका उद्देश्य दुरुपयोग और कालाबाजारी को रोकना है।
LPG और ईंधन सप्लाई की स्थिति
सरकार ने भरोसा दिलाया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और LPG की कोई कमी नहीं है:
- रोजाना 55 लाख से ज्यादा LPG सिलेंडर की डिलीवरी
- 94% बुकिंग ऑनलाइन माध्यम से
- CNG और PNG उपभोक्ताओं को 100% सप्लाई
- रिफाइनरियां पूरी क्षमता पर काम कर रही हैं
इसके अलावा, सरकार ने राज्यों को 48,000 किलोलीटर (4.8 करोड़ लीटर) अतिरिक्त केरोसिन आवंटित किया है।
अफवाहों से बचने की अपील
हाल के दिनों में कुछ राज्यों में अफवाहों के चलते पेट्रोल पंपों पर भीड़ और अनावश्यक खरीदारी देखने को मिली। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।
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निष्कर्ष
केंद्र सरकार का यह कदम मौजूदा वैश्विक संकट के बीच आम जनता को राहत देने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है। पेट्रोल पंपों पर केरोसिन की उपलब्धता और PDS नियमों में ढील से न केवल सप्लाई चेन मजबूत होगी, बल्कि जरूरतमंद परिवारों को वैकल्पिक ईंधन भी आसानी से मिल सकेगा।






