लियोनेल मेसी ने कहा अलविदा: संघर्ष, रिकॉर्ड, ट्रॉफियां और महान बनने की पूरी कहानी
लियोनेल मेसी का अंतरराष्ट्रीय संन्यास: एक छोटे से लड़के से फुटबॉल के महानायक बनने तक की पूरी कहानी
लियोनेल मेसी का संन्यास आखिरकार उस दिन आ गया, जिसकी कल्पना फुटबॉल प्रशंसक वर्षों से नहीं करना चाहते थे। 31 अगस्त 2026 को अर्जेंटीना के महान कप्तान ने राष्ट्रीय टीम से संन्यास की घोषणा कर दी। 2026 FIFA World Cup के फाइनल में स्पेन के हाथों अर्जेंटीना की हार के कुछ सप्ताह बाद मेसी ने यह फैसला सार्वजनिक किया। 39 वर्षीय मेसी ने अर्जेंटीना के लिए 207 मैचों में 125 गोल किए और देश के इतिहास में सबसे ज्यादा मैच खेलने तथा सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी के रूप में अपना अंतरराष्ट्रीय करियर समाप्त किया।
लेकिन मेसी की कहानी सिर्फ आंकड़ों, ट्रॉफियों और रिकॉर्ड्स की कहानी नहीं है। यह असफलताओं के बाद वापसी, आलोचनाओं के बीच धैर्य, राष्ट्रीय टीम के साथ लंबे इंतजार और अंततः उस विश्व कप को जीतने की कहानी है, जिसे हासिल करने के लिए उन्होंने अपने करियर का सबसे लंबा संघर्ष किया।
मेसी ने अर्जेंटीना को 2021 और 2024 में Copa América, 2022 में FIFA World Cup और 2022 में Finalissima जिताई। इससे पहले वह 2008 में ओलंपिक स्वर्ण और 2005 में FIFA U-20 World Cup भी जीत चुके थे। 2026 में अर्जेंटीना फाइनल तक पहुंचा, लेकिन स्पेन से हार गया। इसके साथ ही मेसी ने राष्ट्रीय टीम को अलविदा कह दिया।
लियोनेल मेसी का संन्यास: एक युग का अंत
मेसी का अंतरराष्ट्रीय संन्यास केवल अर्जेंटीना के लिए एक खिलाड़ी के जाने की खबर नहीं है। यह उस पीढ़ी के अंत का संकेत है जिसने लगभग दो दशकों तक विश्व फुटबॉल पर राज किया।
2005 में हंगरी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय पदार्पण करने वाला वह युवा खिलाड़ी 21 साल बाद अर्जेंटीना का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्डधारी बनकर विदा हुआ। 207 मैच और 125 गोल इस बात का प्रमाण हैं कि मेसी सिर्फ प्रतिभाशाली खिलाड़ी नहीं थे, बल्कि असाधारण निरंतरता के प्रतीक भी थे।
दिलचस्प बात यह है कि मेसी का अर्जेंटीना करियर हमेशा जीत से भरा नहीं रहा। इसके शुरुआती और मध्य वर्षों में वह लगातार आलोचना के केंद्र में रहे। 2014 विश्व कप फाइनल में हार, 2015 और 2016 Copa América फाइनल में हार और 2016 के बाद अंतरराष्ट्रीय संन्यास की घोषणा ने उनके करियर को एक अलग मोड़ दिया।
लेकिन कहानी वहीं खत्म नहीं हुई।
बार्सिलोना में शुरू हुई महान कहानी
मेसी का नाम फुटबॉल इतिहास में सबसे पहले FC Barcelona के साथ अमर हुआ। बचपन में अर्जेंटीना से स्पेन पहुंचे मेसी ने बार्सिलोना की युवा प्रणाली में अपनी पहचान बनाई और 2004 में पहली टीम के लिए पदार्पण किया।
इसके बाद जो हुआ, वह आधुनिक फुटबॉल के इतिहास का सबसे शानदार अध्याय बन गया।
बार्सिलोना के लिए मेसी ने 778 आधिकारिक मैच खेले और 672 गोल किए। क्लब के अनुसार वह बार्सिलोना के इतिहास में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले, सबसे ज्यादा गोल करने वाले और सबसे अधिक ट्रॉफियां जीतने वाले खिलाड़ियों में सबसे ऊपर हैं।
बार्सिलोना के साथ उन्होंने:
- 10 La Liga खिताब
- 7 Copa del Rey
- 4 UEFA Champions League
- 7 Spanish Super Cup
- 3 UEFA Super Cup
- 3 FIFA Club World Cup
जीते।
2008-09 सीजन में उन्होंने बार्सिलोना को ऐतिहासिक ट्रेबल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। पेप गार्डियोला की टीम में मेसी धीरे-धीरे सिर्फ गोल करने वाले खिलाड़ी नहीं रहे, बल्कि पूरी आक्रमण प्रणाली के केंद्र बन गए।
उनका ड्रिब्लिंग कौशल, गेंद पर नियंत्रण, पासिंग, फ्री-किक, विजन और गोल करने की क्षमता एक साथ दिखाई देती थी। यही वह दौर था जब दुनिया ने समझना शुरू किया कि फुटबॉल में एक खिलाड़ी अकेले किसी टीम की पूरी पहचान बन सकता है।
2011-12: जब मेसी ने गोल करने की परिभाषा बदल दी
मेसी के करियर के सबसे असाधारण सीजन में 2011-12 का नाम सबसे ऊपर आता है।
उन्होंने उस सीजन सभी आधिकारिक प्रतियोगिताओं में 73 गोल किए। अकेले La Liga में उनके नाम 50 गोल थे। बार्सिलोना के अनुसार यह क्लब के इतिहास में एक सीजन में गोल करने के सबसे शानदार व्यक्तिगत प्रदर्शनों में से एक है।
उसी सीजन में उन्होंने Champions League में भी 14 गोल किए।
मेसी का सबसे बड़ा कमाल यह था कि वह केवल स्ट्राइकर नहीं थे। वह मिडफील्ड से गेंद लेकर डिफेंस को तोड़ सकते थे, अंतिम पास दे सकते थे और खुद गोल भी कर सकते थे। यही बहुमुखी प्रतिभा उन्हें पारंपरिक नंबर-10 और आधुनिक फॉरवर्ड के बीच एक अद्वितीय खिलाड़ी बनाती थी।
आठ Ballon d’Or और व्यक्तिगत पुरस्कारों की लंबी सूची
मेसी के व्यक्तिगत पुरस्कारों की सूची इतनी लंबी है कि उसे किसी एक पैराग्राफ में समेटना मुश्किल है।
वह रिकॉर्ड 8 बार Ballon d’Or जीत चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने 3 बार The Best FIFA Men’s Player, 3 UEFA Men’s Player of the Year और 6 European Golden Shoes जीते हैं। La Liga के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी के तौर पर भी उन्हें कई बार सम्मान मिला और उन्होंने रिकॉर्ड 8 Pichichi Trophy जीतीं।
उनकी व्यक्तिगत उपलब्धियों में एक और ऐतिहासिक रिकॉर्ड 2012 का है, जब उन्होंने एक कैलेंडर वर्ष में 91 गोल किए। यह रिकॉर्ड आज भी फुटबॉल के सबसे अविश्वसनीय व्यक्तिगत रिकॉर्ड्स में शामिल है।
लेकिन अर्जेंटीना के साथ कहानी इतनी आसान नहीं थी
अगर मेसी का क्लब करियर लगभग सपने जैसा था, तो अर्जेंटीना के साथ उनकी शुरुआत और मध्य दौर इसके बिल्कुल विपरीत रहे।
2007 Copa América फाइनल में अर्जेंटीना की हार के बाद से मेसी लगातार राष्ट्रीय टीम के साथ बड़ी ट्रॉफी जीतने की कोशिश करते रहे। 2014 विश्व कप में वह अर्जेंटीना को फाइनल तक लेकर गए, लेकिन मारियो गोट्जे के अतिरिक्त समय के गोल ने जर्मनी को चैंपियन बना दिया।
इसके बाद 2015 Copa América फाइनल में चिली और फिर 2016 Copa América Centenario के फाइनल में भी चिली के खिलाफ अर्जेंटीना हार गया।
2016 की हार मेसी के लिए बेहद भावुक क्षण थी। पेनल्टी शूटआउट में अपना पेनल्टी चूकने के बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास की घोषणा तक कर दी।
लेकिन वह फैसला स्थायी नहीं रहा।
वापसी और आलोचनाओं का अंत
मेसी वापस लौटे और अर्जेंटीना के लिए खेलना जारी रखा। हालांकि 2018 विश्व कप में टीम फ्रांस से हारकर बाहर हो गई और 2019 Copa América में भी अर्जेंटीना खिताब नहीं जीत सका।
ऐसा लग रहा था कि मेसी के लिए राष्ट्रीय टीम की कहानी शायद बिना बड़ी ट्रॉफी के ही समाप्त होगी।
फिर आया 2021।
Brazil के खिलाफ Copa América फाइनल में अर्जेंटीना की जीत ने मेसी के करियर का सबसे बड़ा मानसिक बोझ हल्का कर दिया। यह उनकी अर्जेंटीना के साथ पहली बड़ी सीनियर अंतरराष्ट्रीय ट्रॉफी थी।
इस जीत के बाद मेसी का खेल और नेतृत्व दोनों बदल गए।
2022: वह विश्व कप जिसने मेसी को पूरा कर दिया
अगर मेसी के करियर में सिर्फ एक टूर्नामेंट चुनना हो, तो Qatar 2022 सबसे स्वाभाविक उत्तर होगा।
अर्जेंटीना की शुरुआत सऊदी अरब के खिलाफ अप्रत्याशित हार से हुई। उस समय बहुत से लोगों को लगा कि मेसी का आखिरी विश्व कप निराशा में बदल सकता है।
लेकिन अर्जेंटीना ने वापसी की।
मेसी ने टीम को नॉकआउट चरण तक पहुंचाया और इसके बाद उनका टूर्नामेंट ऐतिहासिक बन गया। नीदरलैंड्स के खिलाफ क्वार्टर फाइनल, क्रोएशिया के खिलाफ सेमीफाइनल और फिर फ्रांस के खिलाफ फाइनल—हर चरण में मेसी निर्णायक रहे।
फाइनल में उन्होंने दो गोल किए और अर्जेंटीना ने पेनल्टी शूटआउट में फ्रांस को हराकर 36 साल बाद विश्व कप जीता।
वह सिर्फ अर्जेंटीना की जीत नहीं थी। यह मेसी के करियर की वह कमी पूरी होने का क्षण था जिसके आधार पर वर्षों तक उनकी तुलना डिएगो माराडोना और पेले से की जाती रही थी।
मेसी को टूर्नामेंट का Golden Ball मिला। वह विश्व कप इतिहास में दो बार Golden Ball जीतने वाले पहले खिलाड़ी बने।
2024 Copa América और अर्जेंटीना का स्वर्णिम दौर
विश्व कप जीतने के बाद मेसी की राष्ट्रीय टीम के साथ कहानी समाप्त नहीं हुई।
2024 Copa América में अर्जेंटीना ने फिर खिताब जीता। इस तरह मेसी के नेतृत्व में अर्जेंटीना ने लगातार बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट जीतने की अपनी सबसे शानदार श्रृंखला पूरी की।
2021 Copa América, 2022 Finalissima, 2022 World Cup और 2024 Copa América—इन चार खिताबों ने अर्जेंटीना के साथ मेसी की विरासत को पूरी तरह बदल दिया।
अब वह सिर्फ वह खिलाड़ी नहीं थे जिसने अर्जेंटीना के लिए बहुत सारे गोल किए थे। वह वह कप्तान थे जिसने देश को लंबे इंतजार के बाद लगातार अंतरराष्ट्रीय सफलता दिलाई।
2026 World Cup: आखिरी अध्याय
2026 विश्व कप में मेसी ने अपने करियर का छठा विश्व कप खेला। यह अपने आप में ऐतिहासिक उपलब्धि थी।
अर्जेंटीना एक बार फिर फाइनल तक पहुंचा, लेकिन इस बार स्पेन के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। मेसी ने इस मैच में अर्जेंटीना की कप्तानी की और इसके बाद उनका अंतरराष्ट्रीय करियर समाप्त हो गया।
उनका विश्व कप करियर अब फुटबॉल इतिहास के सबसे प्रभावशाली विश्व कप रिकॉर्ड्स में शामिल है। FIFA के अनुसार उन्होंने विश्व कप में 18 गोल किए और कई विश्व कप रिकॉर्ड अपने नाम किए।
इस बार हालांकि कहानी का अंत ट्रॉफी के साथ नहीं हुआ।
लेकिन शायद इसकी जरूरत भी नहीं थी।
2022 ने मेसी को वह विश्व कप दे दिया था जिसकी तलाश में उनका पूरा करियर बीता था।
पेरिस सेंट-जर्मेन का कठिन दौर
बार्सिलोना से विदाई के बाद 2021 में मेसी ने Paris Saint-Germain का रुख किया।
यह उनके करियर के सबसे चुनौतीपूर्ण अध्यायों में से एक रहा। PSG के पास मेसी, नेमार और किलियन एमबाप्पे जैसे सितारे थे, लेकिन टीम Champions League में वह सफलता हासिल नहीं कर सकी जिसकी उम्मीद की गई थी।
मेसी ने PSG के लिए 75 आधिकारिक मैचों में 32 गोल किए। उन्होंने क्लब के साथ दो Ligue 1 खिताब और एक Trophée des Champions जीता।
आंकड़ों की दृष्टि से यह खराब दौर नहीं था, लेकिन उम्मीदों की तुलना में प्रदर्शन कम दिखाई दिया। आलोचना बढ़ी और मेसी के करियर में पहली बार ऐसा लगा कि उनकी उम्र और लगातार उच्च स्तर पर प्रदर्शन करने की क्षमता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
लेकिन मेसी ने एक बार फिर जवाब मैदान पर दिया।
इंटर मियामी: अमेरिका में नई क्रांति
2023 में मेसी ने Inter Miami का रुख किया।
कई लोगों ने इसे यूरोपीय फुटबॉल से उनके धीरे-धीरे दूर होने की शुरुआत माना। लेकिन मेसी ने अमेरिका में भी इतिहास बदल दिया।
इंटर मियामी के साथ उन्होंने 2023 Leagues Cup जीता—क्लब के इतिहास का पहला आधिकारिक बड़ा खिताब। इसके बाद 2024 में Supporters’ Shield और 2025 में Eastern Conference तथा MLS Cup जीतने में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई।
2025 में उन्होंने MLS Golden Boot भी जीता, जिसमें उन्होंने नियमित सीजन में 29 गोल किए। साथ ही वह लगातार दूसरी बार Landon Donovan MLS MVP बने।
2026 में उन्होंने 900 आधिकारिक सीनियर करियर गोल का आंकड़ा भी पार किया। MLS के अनुसार वह 900 गोल तक पहुंचने वाले इतिहास के चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हुए और यह उपलब्धि हासिल करने वाले सबसे तेज खिलाड़ियों में रहे।
मेसी के करियर के आंकड़े
मेसी के करियर के आंकड़े अलग-अलग प्रतियोगिताओं और सांख्यिकीय स्रोतों की गणना पद्धति के कारण थोड़ा बदल सकते हैं। फिर भी उनका रिकॉर्ड अभूतपूर्व है।
प्रमुख आंकड़े:
| उपलब्धि | आंकड़ा |
|---|---|
| अर्जेंटीना मैच | 207 |
| अर्जेंटीना गोल | 125 |
| विश्व कप | 6 |
| विश्व कप गोल | 18 |
| Barcelona मैच | 778 |
| Barcelona गोल | 672 |
| PSG मैच | 75 |
| PSG गोल | 32 |
| करियर आधिकारिक गोल | 900+ |
| Ballon d’Or | 8 |
| Champions League | 4 |
| La Liga | 10 |
| Copa del Rey | 7 |
| FIFA Club World Cup | 3 |
| UEFA Super Cup | 3 |
| European Golden Shoe | 6 |
| Pichichi Trophy | 8 |
Barcelona के आधिकारिक रिकॉर्ड में मेसी के 778 मैच और 672 गोल दर्ज हैं, जबकि क्लब ने उन्हें अपने इतिहास का सबसे बड़ा रिकॉर्ड-ब्रेकिंग खिलाड़ी बताया है।
Inter Miami के साथ मई 2026 तक वह 100 मैच पूरे कर चुके थे और क्लब के लिए 80 से अधिक गोल कर चुके थे। इसके बाद भी उन्होंने 2026 सीजन में गोल करना जारी रखा।
मेसी की सबसे बड़ी उपलब्धियां एक नजर में
मेसी की ट्रॉफी कैबिनेट में लगभग हर बड़ी ट्रॉफी मौजूद है।
क्लब स्तर पर:
- 10 La Liga
- 7 Copa del Rey
- 4 UEFA Champions League
- 7 Spanish Super Cup
- 3 UEFA Super Cup
- 3 FIFA Club World Cup
- 2 Ligue 1
- 1 Trophée des Champions
- 1 Leagues Cup
- 1 MLS Supporters’ Shield
- 1 MLS Cup
अर्जेंटीना के साथ:
- FIFA World Cup 2022
- Copa América 2021
- Copa América 2024
- Finalissima 2022
- Olympic Gold Medal 2008
- FIFA U-20 World Cup 2005
Inter Miami ने 2025 में MLS Cup जीतकर मेसी के क्लब ट्रॉफी संग्रह में एक और महत्वपूर्ण खिताब जोड़ा। क्लब के अनुसार उनके करियर में कुल टीम ट्रॉफियों की संख्या 46 तक पहुंच चुकी थी।
उतार-चढ़ाव जिसने मेसी को महान बनाया
मेसी की महानता सिर्फ इसलिए नहीं है क्योंकि उन्होंने सैकड़ों गोल किए और दर्जनों ट्रॉफियां जीतीं।
उनकी असली महानता इस बात में है कि उन्होंने असफलताओं के बाद खुद को फिर से बनाया।
2014 विश्व कप फाइनल की हार।
2015 Copa América की हार।
2016 Copa América की हार।
पेनल्टी चूकना।
अंतरराष्ट्रीय संन्यास लेना।
फिर वापस लौटना।
2021 में Copa América जीतना।
2022 में विश्व कप जीतना।
2024 में फिर Copa América जीतना।
2026 में दोबारा विश्व कप फाइनल तक पहुंचना।
और अंततः राष्ट्रीय टीम से विदाई लेना।
यह पूरा सफर किसी फिल्म की पटकथा जैसा लगता है।
मेसी बनाम माराडोना: अब बहस का अर्थ क्या है?
अर्जेंटीना में वर्षों तक सबसे बड़ी बहस यही रही कि महानतम कौन है—Diego Maradona या Lionel Messi?
माराडोना ने 1986 में अर्जेंटीना को विश्व कप जिताया था। मेसी ने 2022 में यही कारनामा किया।
लेकिन मेसी का करियर लंबाई और निरंतरता के मामले में अलग स्तर का रहा। उन्होंने क्लब और देश दोनों के लिए दो दशकों से अधिक समय तक उच्चतम स्तर पर प्रदर्शन किया।
8 Ballon d’Or, 4 Champions League, 10 La Liga, 2 Copa América और World Cup जैसे खिताबों के साथ उनका रिकॉर्ड आधुनिक फुटबॉल इतिहास में लगभग अद्वितीय है।
इसलिए आज बहस सिर्फ यह नहीं है कि मेसी माराडोना से बेहतर थे या नहीं।
सवाल यह है कि क्या किसी खिलाड़ी ने फुटबॉल के इतने अलग-अलग क्षेत्रों में इतने लंबे समय तक मेसी जैसा प्रभाव छोड़ा है?
क्या मेसी पूरी तरह रिटायर हो गए हैं?
यहां एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है।
मेसी ने 31 अगस्त 2026 को अर्जेंटीना की राष्ट्रीय टीम से अंतरराष्ट्रीय संन्यास लिया है। इसका अर्थ यह नहीं है कि उन्होंने पेशेवर फुटबॉल से पूरी तरह संन्यास ले लिया है।
वह अभी Inter Miami के साथ क्लब फुटबॉल से जुड़े हुए हैं। क्लब ने अक्टूबर 2025 में उनके अनुबंध को 2028 तक बढ़ाने की घोषणा की थी।
इसलिए संभव है कि फुटबॉल प्रशंसकों को मेसी को क्लब स्तर पर अभी कुछ और समय तक देखने का मौका मिले।
लेकिन अर्जेंटीना की नीली-सफेद जर्सी में नंबर 10 को अब दोबारा मैदान पर देखना लगभग समाप्त हो गया है।
लियोनेल मेसी की विरासत क्या होगी?
मेसी की विरासत को केवल गोल और ट्रॉफियों से नहीं मापा जा सकता।
उन्होंने यह साबित किया कि महान खिलाड़ी बनने के लिए हमेशा सबसे ताकतवर या सबसे तेज होना जरूरी नहीं है। उनके पास असाधारण संतुलन, गेंद पर नियंत्रण, निर्णय लेने की क्षमता और खेल को कुछ सेकंड पहले पढ़ लेने की प्रतिभा थी।
वह एक ऐसे खिलाड़ी बने जिसने ड्रिब्लिंग को कला, पासिंग को विज्ञान और गोल करने को लगभग सामान्य घटना बना दिया।
बार्सिलोना में उन्होंने एक क्लब को युग की सबसे प्रभावशाली टीमों में बदलने में मदद की।
अर्जेंटीना में उन्होंने एक ऐसी राष्ट्रीय टीम को वर्षों की निराशा से बाहर निकाला जो लगातार फाइनल हार रही थी।
और अमेरिका में उन्होंने Inter Miami को एक वैश्विक फुटबॉल ब्रांड में बदलने में मदद की। क्लब के अनुसार उनके आने के बाद टीम ने अपने इतिहास के पहले कई बड़े खिताब जीते और उत्तरी अमेरिका में फुटबॉल की अंतरराष्ट्रीय चर्चा को नई गति मिली।
आखिरी तस्वीर: ट्रॉफी से ज्यादा बड़ी एक कहानी
मेसी का अर्जेंटीना करियर शायद उस तरह समाप्त नहीं हुआ जैसा कोई फिल्म निर्देशक लिखता।
2026 विश्व कप का फाइनल हारना निश्चित रूप से दर्दनाक था।
लेकिन अगर पूरी कहानी देखी जाए तो अंत बेहद खूबसूरत है।
एक ऐसा बच्चा जिसे बचपन में स्वास्थ्य संबंधी चुनौती के कारण इलाज की जरूरत पड़ी, जिसने कम उम्र में अर्जेंटीना छोड़ दिया, जिसने बार्सिलोना में अपना नाम बनाया, जिसने क्लब फुटबॉल की लगभग हर बड़ी ट्रॉफी जीती, जिसने राष्ट्रीय टीम के साथ वर्षों तक असफलताएं झेलीं, जिसने एक समय संन्यास ले लिया और फिर वापस लौटकर अपने देश को Copa América और विश्व कप जिताया—वही खिलाड़ी अंततः अर्जेंटीना के इतिहास का सबसे ज्यादा मैच खेलने वाला और सबसे ज्यादा गोल करने वाला खिलाड़ी बनकर विदा हुआ।
मेसी ने फुटबॉल को सिर्फ अपने पैरों से नहीं बदला। उन्होंने लोगों की यह धारणा बदल दी कि महानता कैसी दिखती है।
उनका करियर हमें बताता है कि महान खिलाड़ी वह नहीं होता जो कभी हारता नहीं।
महान खिलाड़ी वह होता है जो हार के बाद भी मैदान पर लौटता है।
और मेसी ने यह काम बार-बार किया।
2016 में जब उन्होंने कहा था कि अर्जेंटीना के साथ उनका सफर समाप्त हो गया है, तब किसी ने शायद नहीं सोचा था कि कुछ वर्षों बाद वही खिलाड़ी विश्व कप ट्रॉफी को अपने हाथों में उठाएगा।
2022 में उन्होंने वह सपना पूरा किया।
2026 में उन्होंने उस सपने को पीछे छोड़कर अर्जेंटीना को अलविदा कहा।
अब जब वह राष्ट्रीय टीम की जर्सी नहीं पहनेंगे, तब भी नंबर 10 की वह विरासत मैदान पर मौजूद रहेगी।
क्योंकि लियोनेल मेसी का संन्यास सिर्फ एक खिलाड़ी की विदाई नहीं है।
यह फुटबॉल के एक पूरे युग का अंतिम अध्याय है।