‘अपना घर’ योजना: हाईवे पर ट्रक ड्राइवरों को मिलेगा सुरक्षित और सस्ता आराम, सड़क सुरक्षा को बड़ा बढ़ावा!
हाईवे पर ट्रक ड्राइवरों के लिए ‘अपना घर’ पहल

देशभर में लंबी दूरी तय करने वाले ट्रक ड्राइवरों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए Ministry of Petroleum and Natural Gas ने ‘अपना घर’ पहल की शुरुआत की है। इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य हाईवे पर ड्राइवरों को सुरक्षित, स्वच्छ और किफायती विश्राम स्थल उपलब्ध कराना है, जिससे उनकी थकान कम हो और सड़क सुरक्षा में सुधार हो।
क्या है ‘अपना घर’ पहल?
‘अपना घर’ एक ऐसी सुविधा है, जो देश के प्रमुख राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर स्थित पेट्रोल पंपों (रिटेल आउटलेट्स) पर विकसित की गई है। इन केंद्रों का संचालन सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां—जैसे Indian Oil Corporation Limited, Bharat Petroleum Corporation Limited और Hindustan Petroleum Corporation Limited—कर रही हैं।
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प्रमुख सुविधाएं
‘अपना घर’ केंद्रों पर ड्राइवरों को निम्नलिखित सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं:
- डॉर्मिटरी शैली में 10–30 बेड की व्यवस्था
- स्वच्छ शौचालय और स्नान के लिए विशेष ‘हौद’
- रेस्टोरेंट/ढाबा और स्वयं खाना बनाने की सुविधा
- शुद्ध पेयजल
- सुरक्षित और आरामदायक वातावरण
अब तक की प्रगति
सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 1 जुलाई 2025 तक देशभर में 368 ‘अपना घर’ केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिनमें कुल 4,611 बेड उपलब्ध हैं। आने वाले समय में इनकी संख्या बढ़ाकर 660 से अधिक केंद्रों तक पहुंचाने की योजना है।
तकनीकी पहल
ड्राइवरों की सुविधा के लिए ‘अपना घर’ मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया गया है, जिसके माध्यम से वे पहले से बुकिंग कर सकते हैं और अपनी प्रतिक्रिया भी साझा कर सकते हैं। ऐप के बढ़ते डाउनलोड और सकारात्मक फीडबैक इस योजना की सफलता को दर्शाते हैं।
सरकार की मंशा
यह पहल भारत सरकार के उस व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है, जिसके तहत लॉजिस्टिक्स सेक्टर को मजबूत करना और ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को अधिक सुरक्षित बनाना शामिल है। ट्रक ड्राइवर देश की सप्लाई चेन की रीढ़ हैं, और उनके लिए बेहतर बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करना समय की जरूरत है।https://en.wikipedia.org/wiki/Ministry_of_Road_Transport_and_Highways
निष्कर्ष
‘अपना घर’ पहल न केवल ट्रक ड्राइवरों के लिए एक राहत भरी खबर है, बल्कि यह सड़क सुरक्षा, कार्यक्षमता और मानवीय गरिमा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले वर्षों में इसके विस्तार से देश के परिवहन तंत्र को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।






