भीषण गर्मी से तप रहा दिल्ली-एनसीआर, 45°C के पार पहुंचा तापमान; राहत की बारिश कब होगी?
उत्तर भारत में भीषण गर्म का कहर, IMD ने जारी किया अलर्ट; कई राज्यों में बढ़ीं स्कूलों की छुट्टियां
उत्तर भारत इस समय भीषण गर्मी और हीटवेव की मार झेल रहा है। राजधानी दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान तक तापमान लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। कई शहरों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच चुका है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इसी बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों तक तेज गर्मी जारी रहने की चेतावनी दी है, हालांकि कुछ इलाकों में हल्की बारिश और तेज हवाओं से राहत मिलने की उम्मीद भी जताई गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बारिश लोगों को अस्थायी राहत दे सकती है, लेकिन फिलहाल गर्मी से पूरी तरह राहत मिलने की संभावना कम है। लगातार बढ़ते तापमान ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं और दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिल रहा है।
दिल्ली-एनसीआर में गर्मी ने तोड़े रिकॉर्ड
दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में इस बार मई महीने में ही जून जैसी गर्मी महसूस की जा रही है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक कई इलाकों में तापमान सामान्य से 4 से 6 डिग्री अधिक दर्ज किया गया। गर्म हवाओं और तेज धूप के कारण लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।
दिल्ली में हीटवेव को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। डॉक्टरों ने भी लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, चक्कर आने और हीट स्ट्रोक के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को अधिक सावधानी बरतने के लिए कहा गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक तापमान इसी तरह बना रहा तो बिजली और पानी की मांग में और अधिक वृद्धि हो सकती है। कई इलाकों में बिजली कटौती की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
उत्तर प्रदेश में बारिश की संभावना
उत्तर प्रदेश में भी इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है। लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, आगरा और नोएडा जैसे शहरों में तापमान लगातार 43 से 45 डिग्री के बीच बना हुआ है। हालांकि IMD ने पूर्वी और पश्चिमी यूपी के कुछ जिलों में हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी और पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में हल्का बदलाव देखने को मिल सकता है। कुछ जिलों में धूलभरी आंधी और बूंदाबांदी होने की संभावना है। इससे तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की गिरावट आ सकती है।
हालांकि विशेषज्ञों ने साफ कहा है कि यह राहत ज्यादा लंबे समय तक नहीं रहने वाली। जून के पहले सप्ताह तक उत्तर भारत में तेज गर्मी जारी रह सकती है।
स्कूलों की छुट्टियां बढ़ीं
भीषण गर्मी का सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ रहा है। इसी को देखते हुए दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और एनसीआर के कई हिस्सों में स्कूलों की गर्मी की छुट्टियां बढ़ा दी गई हैं। कई निजी और सरकारी स्कूलों ने समय में बदलाव करते हुए सुबह की शिफ्ट लागू कर दी है।
दिल्ली में कुछ स्कूलों ने जून के अंत तक छुट्टियां जारी रखने का फैसला लिया है। वहीं उत्तर प्रदेश में भी कई जिलों में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। हरियाणा और नोएडा में भी प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
अभिभावकों का कहना है कि मौजूदा मौसम को देखते हुए यह फैसला जरूरी था। तेज गर्मी के कारण बच्चों के बीमार होने का खतरा लगातार बढ़ रहा था। कई स्कूलों ने ऑनलाइन असाइनमेंट और डिजिटल क्लास का विकल्प भी शुरू किया है ताकि पढ़ाई प्रभावित न हो।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने दी चेतावनी
डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को गर्मी के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। उनका कहना है कि लू लगने की स्थिति बेहद खतरनाक हो सकती है। लगातार धूप में रहने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है, जिससे चक्कर आना, कमजोरी और बेहोशी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि लोग दिन में अधिक से अधिक पानी पिएं, हल्के रंग के कपड़े पहनें और खाली पेट घर से बाहर न निकलें। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से धूप से बचाने की जरूरत है।
डॉक्टरों का यह भी कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार, सांस लेने में तकलीफ या लगातार चक्कर आने जैसी समस्या हो तो तुरंत अस्पताल से संपर्क करना चाहिए।
सरकारी ऐप : हर नागरिक के फोन में अनिवार्य रूप से होने चाहिए ये 10 जरूरी ऐप
बिजली और पानी की बढ़ी मांग
गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली की खपत भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। एयर कंडीशनर, कूलर और पंखों के लगातार इस्तेमाल के कारण कई राज्यों में बिजली की मांग तेजी से बढ़ी है। दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई शहरों में बिजली की मांग ने पिछले रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
इसके अलावा पानी की समस्या भी गंभीर होती जा रही है। कई इलाकों में पानी की सप्लाई प्रभावित हुई है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने लोगों से पानी का सही इस्तेमाल करने की अपील की है।
मानसून पर टिकी उम्मीदें
भीषण गर्मी के बीच अब लोगों की नजरें मानसून पर टिकी हुई हैं। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है और निर्धारित समय के आसपास देश के अन्य हिस्सों में पहुंच सकता है। यदि मानसून समय पर आता है तो उत्तर भारत को बड़ी राहत मिल सकती है।
हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ हफ्ते अभी भी चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की जरूरत है।
फिलहाल उत्तर भारत में गर्मी का प्रकोप जारी है और लोग बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज किस तरह बदलता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।
🔸🔸 Follow us on Facebook 🔸🔸





