स्कूल से लेकर डिग्री तक: DIKSHA and SWAYAM (दीक्षा और स्वयं) प्लेटफॉर्म की पूरी जानकारी
PM e-VIDYA पहल के तहत एकीकृत ये दोनों प्लेटफॉर्म स्कूली छात्रों से लेकर उच्च शिक्षा तक के लाखों लोगों को मुफ्त और प्रमाणित पढ़ाई का मौका दे रहे हैं
पढ़ाई के लिए महंगी कोचिंग या इंटरनेट पर बिखरे भरोसेमंद कंटेंट की तलाश अक्सर छात्रों और अभिभावकों दोनों के लिए सिरदर्द बन जाती है। इसी समस्या का समाधान भारत सरकार के दो बड़े डिजिटल शिक्षा मंच देते हैं — DIKSHA and SWAYAM (दीक्षा और स्वयं)। ये दोनों प्लेटफॉर्म मिलकर स्कूली शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट तक, हर स्तर पर मुफ्त और भरोसेमंद पढ़ाई की सुविधा देते हैं।
दोनों प्लेटफॉर्म कब शुरू हुए थे
DIKSHA (डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर फॉर नॉलेज शेयरिंग) को 2017 में लॉन्च किया गया था, जबकि SWAYAM (स्टडी वेब्स ऑफ एक्टिव लर्निंग फॉर यंग एस्पायरिंग माइंड्स) की शुरुआत इससे भी पहले 2016 में हुई थी। कोविड-19 महामारी के दौरान जब स्कूल-कॉलेज बंद हो गए थे, तब सरकार ने PM e-VIDYA पहल के तहत इन दोनों प्लेटफॉर्म को और कई अन्य डिजिटल शिक्षा साधनों को आपस में जोड़कर एक व्यापक डिजिटल शिक्षा ढांचा तैयार किया, ताकि हर उम्र और हर स्तर के शिक्षार्थी के लिए एक ही जगह पर सारी सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
DIKSHA (दीक्षा) पर क्या-क्या मिलता है
DIKSHA मुख्य रूप से स्कूली शिक्षा (कक्षा 1 से 12) के लिए बनाया गया प्लेटफॉर्म है, और इसे भारत का सबसे बड़ा डिजिटल लर्निंग इकोसिस्टम माना जाता है। इस पर मिलने वाली प्रमुख सुविधाएं हैं:
- NCERT की पाठ्यपुस्तकों से जुड़ा मुफ्त कंटेंट — वीडियो, क्विज और अभ्यास प्रश्न
- 35 से ज्यादा भारतीय भाषाओं में उपलब्ध सामग्री
- पाठ्यपुस्तकों पर छपे QR कोड को स्कैन करके सीधे संबंधित टॉपिक का वीडियो देखने की सुविधा
- शिक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कोर्स (जैसे NISHTHA कार्यक्रम)
SWAYAM (स्वयं) पर क्या-क्या मिलता है
SWAYAM मुख्य रूप से उच्च शिक्षा, कॉलेज स्तर और पेशेवर कौशल से जुड़े कोर्स के लिए बनाया गया मंच है। इस पर मिलने वाली प्रमुख सुविधाएं हैं:
- 2,500 से ज्यादा कोर्स, जो IIT, IISc और अन्य प्रतिष्ठित केंद्रीय विश्वविद्यालयों के प्रोफेसरों द्वारा पढ़ाए जाते हैं
- इंजीनियरिंग, विज्ञान, प्रबंधन, मानविकी सहित कई विषयों में कोर्स उपलब्ध
- वीडियो लेक्चर, ट्रांसक्रिप्ट, असाइनमेंट और चर्चा मंच जैसी सुविधाएं
- परीक्षा पास करने पर मिलने वाला वेरिफाइड सर्टिफिकेट, जिसे कई नियोक्ता और शिक्षण संस्थान मान्यता देते हैं
- 2021 से छात्रों को SWAYAM के जरिए अपनी डिग्री के कुल क्रेडिट का 40% तक हिस्सा ऑनलाइन कोर्स से पूरा करने की सुविधा भी दी गई है
PM e-VIDYA के तहत अन्य सुविधाएं भी शामिल
PM e-VIDYA पहल के तहत DIKSHA और SWAYAM के साथ-साथ कुछ और महत्वपूर्ण सुविधाएं भी जुड़ी हैं:
- SWAYAM Prabha: 34 DTH टीवी चैनलों के जरिए शिक्षा प्रसारण, जिसके लिए इंटरनेट की जरूरत नहीं होती
- राष्ट्रीय डिजिटल पुस्तकालय (NDL): करीब 9 करोड़ किताबों तक मुफ्त पहुंच
यानी जिन छात्रों के पास इंटरनेट की सुविधा नहीं है, वे भी टीवी के जरिए पढ़ाई जारी रख सकते हैं।
अब तक कितने लोगों को मिल चुका है फायदा
आंकड़ों के मुताबिक, DIKSHA प्लेटफॉर्म पर अब तक 27 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड यूजर्स जुड़ चुके हैं, और इस पर 6,000 करोड़ से ज्यादा लर्निंग सेशन पूरे हो चुके हैं। वहीं SWAYAM प्लेटफॉर्म पर अब तक 6.1 करोड़ से ज्यादा नामांकन हो चुके हैं, और 62 लाख से ज्यादा सर्टिफिकेट जारी किए जा चुके हैं। ये आंकड़े खुद बताते हैं कि यह पहल किस बड़े पैमाने पर लोगों तक पहुंच रही है।
कोर्स में नामांकन कैसे करें
- DIKSHA के लिए: diksha.gov.in वेबसाइट पर जाएं या मोबाइल ऐप डाउनलोड करें, अपनी कक्षा और भाषा चुनें, और तुरंत मुफ्त कंटेंट देखना शुरू करें।
- SWAYAM के लिए: swayam.gov.in वेबसाइट पर जाएं, अपनी पसंद का कोर्स खोजें, “Join” बटन पर क्लिक करें, अपने Gmail या Microsoft अकाउंट से साइन-इन करें, प्रोफाइल पूरी करें और कोर्स में नामांकन कर लें।
क्या पूरी तरह मुफ्त है यह सुविधा
कोर्स का पूरा कंटेंट — वीडियो लेक्चर, नोट्स और असाइनमेंट — बिल्कुल मुफ्त उपलब्ध है। हालांकि, अगर आप कोई आधिकारिक और मान्यता-प्राप्त सर्टिफिकेट पाना चाहते हैं, तो उसके लिए एक छोटी परीक्षा शुल्क देना पड़ सकता है। यानी सीखना पूरी तरह मुफ्त है, सिर्फ प्रमाणीकरण (सर्टिफिकेशन) के लिए मामूली शुल्क लग सकता है।
किन लोगों के लिए है यह सबसे फायदेमंद
- स्कूली छात्र, जो अपने पाठ्यक्रम को बेहतर तरीके से समझना चाहते हैं
- वे छात्र जो महंगी कोचिंग का खर्च नहीं उठा सकते, लेकिन IIT स्तर की पढ़ाई का अनुभव चाहते हैं
- नौकरीपेशा लोग, जो नई स्किल सीखकर करियर में आगे बढ़ना चाहते हैं
- ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों के छात्र, जिनके पास सीमित शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध हैं
एक नजर में: DIKSHA and SWAYAM (दीक्षा और स्वयं)
| बिंदु | DIKSHA | SWAYAM |
|---|---|---|
| मुख्य फोकस | स्कूली शिक्षा (कक्षा 1-12) | उच्च शिक्षा और स्किल कोर्स |
| शुरू होने का वर्ष | 2017 | 2016 |
| भाषाएं | 35+ भारतीय भाषाएं | मुख्यतः अंग्रेजी व हिंदी |
| कोर्स की संख्या | पाठ्यपुस्तक आधारित कंटेंट | 2,500 से अधिक |
| सर्टिफिकेट | सीमित (शिक्षक प्रशिक्षण हेतु) | परीक्षा शुल्क सहित उपलब्ध |
| रजिस्टर्ड यूजर्स | 27 करोड़+ | 6.1 करोड़+ नामांकन |
नोट: प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कोर्स, नामांकन तिथियां और परीक्षा शुल्क समय-समय पर बदल सकते हैं। ताजा जानकारी के लिए हमेशा diksha.gov.in और swayam.gov.in की आधिकारिक वेबसाइट देखें।