Exit Poll 2026: पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में किसकी बनेगी सरकार, 4 मई की मतगणना से पहले सियासी हलचल तेज
एग्जिट पोल (EXIT POLL) 2026:
भारत के पाँच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों — पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी — में विधानसभा चुनाव 2026 की वोटिंग संपन्न होने के साथ ही देशभर में एग्जिट पोल के नतीजों ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, सभी एग्जिट पोल 29 अप्रैल की शाम 6:30 बजे के बाद जारी किए गए। 4 मई 2026 को मतगणना होगी और उसी दिन अंतिम परिणाम घोषित किए जाएंगे।
इस बार के चुनाव कई मायनों में ऐतिहासिक रहे। 824 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ, और लगभग सभी राज्यों में मतदाताओं ने रिकॉर्ड तोड़ उत्साह दिखाया। एग्जिट पोल — जो कि मतदान समाप्त होने के बाद मतदाताओं से किए गए सर्वेक्षण पर आधारित होते हैं — इस बार भी राजनीतिक विश्लेषण का केंद्र बन गए हैं। आइए जानते हैं कि अलग-अलग सर्वेक्षण एजेंसियों ने प्रत्येक राज्य के लिए क्या भविष्यवाणी की है।
एग्जिट पोल (EXIT POLL) क्या होता है और यह कितना भरोसेमंद है?
एग्जिट पोल एक ऐसा सर्वेक्षण होता है जिसमें मतदान केंद्रों से बाहर निकलने वाले मतदाताओं से पूछा जाता है कि उन्होंने किसे वोट दिया। यह ओपिनियन पोल से अलग है — ओपिनियन पोल मतदान से पहले होता है, जबकि एग्जिट पोल मतदान के बाद। भारत में एग्जिट पोल की परंपरा 1980 के दशक में शुरू हुई, जब प्रसिद्ध राजनीतिक विश्लेषक प्रणय रॉय ने पहली बार इस तरह के सर्वेक्षण किए थे।
हालांकि, एग्जिट पोल हमेशा पूरी तरह सटीक नहीं होते। कई बार वे सीट संख्या में गलत साबित हुए हैं — जैसे 2019 के आम चुनाव में एनडीए की जीत को अधिकांश एजेंसियों ने कम आँका था। बिहार 2025 में भी एनडीए ने 202 सीटें जीतीं, जबकि अधिकांश एग्जिट पोल ने उन्हें इससे कम सीटें दी थीं। इसके बावजूद, एग्जिट पोल चुनावी रुझान को समझने का एक महत्वपूर्ण माध्यम माने जाते हैं।
पश्चिम बंगाल: टीएमसी बनाम भाजपा
पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों पर दो चरणों में मतदान हुआ — पहला चरण 23 अप्रैल (152 सीटें) और दूसरा चरण 29 अप्रैल (142 सीटें)। पहले चरण में ऐतिहासिक 93.19 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि दूसरे चरण में शाम 5 बजे तक 89.99 प्रतिशत मतदान हो चुका था। यह 2021 के आंकड़ों से भी अधिक है, जो इस चुनाव की तीव्रता को दर्शाता है।सैटेलाइट से गांव की निगरानी: ISRO मैपिंग से मजबूत होगा पंचायत प्लानिंग सिस्टम
बहुमत के लिए 148 सीटें चाहिए। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) 2011 से लगातार सत्ता में है और इस बार चौथी बार जीत की उम्मीद लगाए है। दूसरी तरफ, भाजपा इस बार भी बड़े उलटफेर की उम्मीद में है।
एग्जिट पोल के नतीजे (पश्चिम बंगाल):
- Matrize Exit Poll: भाजपा — 146 से 161 सीटें | टीएमसी — 125 से 140 सीटें। यह एग्जिट पोल भाजपा को बहुमत के करीब या बहुमत तक पहुँचाता है, जो ममता बनर्जी के 15 साल के शासन का अंत हो सकता है।
- Zeenia AI (Zee Media Exit Poll): भाजपा — 144 से 160 सीटें | टीएमसी — 129 से 145 सीटें। यह भी भाजपा को बढ़त दे रहा है।
- Republic-Poll of Polls (संयुक्त औसत): टीएमसी — लगभग 134 सीटें | भाजपा — आगे। रिपब्लिक टीवी के अर्नब गोस्वामी के “पोल ऑफ पोल्स” में भाजपा को बड़त मिलती दिख रही है।
टीएमसी नेता सुदीप बंद्योपाध्याय ने दावा किया है कि उनकी पार्टी कोलकाता की सभी 11 सीटें जीतेगी। दूसरी तरफ टीएमसी नेत्री मिताली बाग ने केंद्रीय सुरक्षा बलों (सीआरपीएफ) पर बूथों पर मतदाताओं को डराने का आरोप लगाया है। भाजपा और टीएमसी के बीच बंगाल हमेशा से एक “खेला होबे” यानी बड़ी टक्कर वाला राज्य रहा है — और इस बार भी एग्जिट पोल इस रोमांच को बरकरार रख रहे हैं।
तमिलनाडु: स्टालिन बनाम विजय — सुपरस्टार की एंट्री ने बदला सियासी समीकरण
तमिलनाडु की 234 विधानसभा सीटों पर 23 अप्रैल को एकल चरण में मतदान हुआ। कुल मतदान प्रतिशत 85.10 रहा। इस बार तमिलनाडु का चुनाव इसलिए खास है क्योंकि कोलीवुड के सुपरस्टार थलपति विजय ने अपनी पार्टी “तमिलगा वेत्री कझगम (TVK)” के साथ पहली बार चुनाव लड़ा और उनकी एंट्री ने पारंपरिक DMK बनाम AIADMK की लड़ाई को त्रिकोणीय बना दिया।
एग्जिट पोल (Exit Poll) के नतीजे (तमिलनाडु):
- India Today – Axis MyIndia Exit Poll: TVK (विजय) — 98 से 120 सीटें | DMK (एमके स्टालिन) — 92 से 110 सीटें। यह सर्वेक्षण सबसे चौंकाने वाला है — यह विजय की पार्टी को पहले स्थान पर रखता है। Axis MyIndia के प्रदीप गुप्ता ने बताया कि TVK और DMK दोनों को लगभग 35-35 प्रतिशत वोट शेयर मिलने की संभावना है।
- Times Now – JVC Exit Poll: NDA (AIADMK + BJP) — 128 से 147 सीटें। यह एकमात्र सर्वेक्षण है जो भाजपा नेतृत्व वाले गठबंधन को स्पष्ट बहुमत दे रहा है।
- पाँच अन्य एग्जिट पोल: इनमें से अधिकांश ने DMK को आगे रखा है, जिसमें TVK दूसरे स्थान पर है और AIADMK-BJP गठबंधन तीसरे पर।
- Zee Media AI Exit Poll: DMK को बड़ी जीत की भविष्यवाणी।
Axis MyIndia की रिपोर्ट के अनुसार, TVK के 68 प्रतिशत समर्थक पहली बार मतदाता हैं और 59 प्रतिशत 20-29 वर्ष की उम्र के हैं। विजय के 37 प्रतिशत मतदाताओं ने उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में सबसे पसंदीदा चेहरा बताया, स्टालिन को 35 प्रतिशत और AIADMK के पलानीस्वामी को 22 प्रतिशत मिले। तमिलनाडु में 4 मई को काउंटिंग के नतीजे राजनीतिक इतिहास बदल सकते हैं।
केरल: एलडीएफ बनाम यूडीएफ — पारंपरिक बदलाव का इतिहास दोहराएगा?
केरल (अब आधिकारिक तौर पर ‘केरलम’) की 140 विधानसभा सीटों पर 9 अप्रैल को मतदान हुआ और रिकॉर्ड 85 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। केरल में परंपरागत रूप से हर पाँच साल में सत्ता बदलती रही है — कभी वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF), कभी संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF)। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के लिए इस बार यह इतिहास तोड़ने की कोशिश थी।
एग्जिट पोल के नतीजे (केरल):
- Matrize Exit Poll: UDF — 70 से 75 सीटें | LDF — 60 से 65 सीटें | NDA (भाजपा) — 3 से 5 सीटें। UDF को 41.7 प्रतिशत वोट शेयर मिलने की संभावना।
- Peoples Pulse: UDF की जीत का संकेत। LDF को 49 से 69 सीटें।
- Business Today की रिपोर्ट: अधिकांश एग्जिट पोल UDF की वापसी का संकेत दे रहे हैं, जो कि केरल की पुरानी परंपरा के अनुरूप है।
- Deccan Chronicle सर्वेक्षण: LDF को 49 से 69 सीटें और NDA को मात्र 0 से 5 सीटें।
यदि ये एग्जिट पोल (Exit Poll) सही साबित होते हैं, तो केरल में Congress-UDF की सरकार बन सकती है और पिनाराई विजयन को सत्ता से हटना पड़ सकता है। भाजपा को यहाँ एक बार फिर सीमित उपस्थिति ही मिलती दिख रही है।
असम: हिमंता का हैट्रिक — भाजपा को तीसरी बार सत्ता?
असम की 126 विधानसभा सीटों पर 9 अप्रैल को एकल चरण में मतदान हुआ। राज्य में 85.96 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो 2021 के 82.04 प्रतिशत से अधिक है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की भाजपा लगातार तीसरी जीत के लिए प्रयासरत है।
एग्जिट पोल के नतीजे (असम):
- Matrize Exit Poll: भाजपा — 85 से 95 सीटें | Congress — 25 से 32 सीटें। भाजपा को 45.5 प्रतिशत वोट शेयर और Congress को 39.8 प्रतिशत मिलने का अनुमान।
- Zee Media AI Exit Poll: भाजपा को “हैट्रिक” देने की भविष्यवाणी — यानी तीसरी बार लगातार जीत।
- Republic – Poll of Polls: भाजपा स्पष्ट बहुमत के साथ सरकार बनाती दिख रही है।
2021 में भाजपा ने 60 और Congress ने 29 सीटें जीती थीं। इस बार के एग्जिट पोल भाजपा की सीटों में भारी बढ़ोतरी का संकेत दे रहे हैं। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा जलुकबाड़ी सीट से चुनाव लड़ रहे हैं जहाँ उनके सामने Congress की बिदिशा नियोग हैं। जोरहाट सीट पर Congress के गौरव गोगोई और भाजपा के हितेंद्र नाथ गोस्वामी के बीच कड़ा मुकाबला है।
पुडुचेरी: एनडीए को बढ़त, त्रिकोणीय मुकाबला
केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की 30 निर्वाचित सीटों पर 9 अप्रैल को मतदान हुआ और यहाँ रिकॉर्ड 90 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। पुडुचेरी में मुख्य मुकाबला NDA (AINRC + BJP) और INDIA गठबंधन (Congress + DMK) के बीच है।
एग्जिट पोल के नतीजे (पुडुचेरी):
🔸Republic – Poll of Polls: NDA आगे।
🔸Times Now – JVC Exit Poll: NDA को बढ़त।
🔸Business Today: NDA की सरकार बनने के संकेत, हालांकि TVK के प्रवेश से कुछ वोटों का बिखराव संभव।
2021 से मुख्यमंत्री एन.आर. रंगस्वामी (AINRC) के नेतृत्व में NDA की सरकार है। एग्जिट पोल उनकी वापसी का संकेत दे रहे हैं।
एग्जिट पोल जारी करने के नियम
भारत में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 135C के तहत मतदान प्रक्रिया के दौरान — मतदान शुरू होने से लेकर अंतिम मतदान केंद्र बंद होने तक — एग्जिट पोल के नतीजे प्रसारित करना प्रतिबंधित है। पश्चिम बंगाल में दो चरणों में मतदान हुआ, इसलिए सभी राज्यों के एग्जिट पोल 29 अप्रैल की शाम 6:30 बजे के बाद ही जारी किए गए। यह नियम इसलिए है ताकि एग्जिट पोल के नतीजे बाद के चरणों के मतदाताओं को प्रभावित न करें।
एग्जिट पोल बनाम वास्तविकता: बिहार 2025 का सबक
हाल ही में हुए बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का उदाहरण यह दर्शाता है कि एग्जिट पोल हमेशा पूरी तरह सटीक नहीं होते। नवंबर 2025 में हुए बिहार चुनाव में भाजपा-नेतृत्व वाले NDA ने 202 सीटें जीतीं — जो अधिकांश एग्जिट पोल के अनुमान से अधिक था। RJD-नेतृत्व वाला महागठबंधन मात्र 35 सीटों पर सिमट गया, जबकि 2020 में उनके पास 110 सीटें थीं। नीतीश कुमार रिकॉर्ड 10वीं बार मुख्यमंत्री बने।
इसी तरह, 2019 लोकसभा चुनाव में भी एनडीए की जीत का आकार अधिकांश एजेंसियों ने कम आँका था। इन उदाहरणों से स्पष्ट है कि एग्जिट पोल रुझान का संकेत देते हैं, अंतिम सत्य नहीं।
4 मई: असली फैसले का दिन
चुनाव आयोग के अनुसार, 4 मई 2026 (सोमवार) को सभी पाँचों राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश की एक साथ मतगणना होगी। सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू होगी। पहले डाक मतपत्रों की गणना होगी, फिर EVM (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) के राउंड-वाइज परिणाम आएंगे।
यह 4 मई केवल पाँच राज्यों के लिए नहीं, बल्कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय राजनीति की दिशा तय करने वाला भी होगा। यदि भाजपा पश्चिम बंगाल और असम दोनों जीतती है, तो यह NDA की शक्ति का बड़ा प्रदर्शन होगा। वहीं दक्षिण भारत में — तमिलनाडु और केरल — जहाँ भाजपा पारंपरिक रूप से कमजोर रही है, वहाँ भी कुछ चौंकाने वाले नतीजे आ सकते हैं।https://en.wikipedia.org/wiki/Exit_poll
निष्कर्ष
Exit Poll 2026 ने यह साफ कर दिया है कि यह चुनाव बेहद रोमांचक और ऐतिहासिक साबित होने वाला है। पश्चिम बंगाल में भाजपा की बढ़त, तमिलनाडु में विजय की सुपरस्टार एंट्री, केरल में UDF की संभावित वापसी, असम में हिमंता की हैट्रिक और पुडुचेरी में NDA की बढ़त — ये सभी संकेत बड़े राजनीतिक बदलावों की आहट दे रहे हैं।
लेकिन यह याद रखना जरूरी है — एग्जिट पोल सिर्फ अनुमान हैं, असली जनादेश 4 मई को EVM से निकलेगा। भारत का लोकतंत्र हमेशा से सर्वे एजेंसियों को चुनौती देता रहा है और इस बार भी अंतिम फैसला जनता का ही होगा।
यह लेख 29 अप्रैल 2026 को प्रकाशित विभिन्न समाचार स्रोतों के आधार पर तैयार किया गया है। ध्यान रहे कि एग्जिट पोल (Exit Poll) के परिणाम केवल अनुमान होते हैं और वास्तविक मतदान परिणामों से भिन्न हो सकते हैं। अंतिम परिणाम आधिकारिक मतगणना के बाद ही घोषित किए जाते हैं, इसलिए एग्जिट पोल के आंकड़ों में बदलाव संभव है।
एग्जिट पोल (EXIT POLL) 2026: 





