Germany vs USA : जर्मनी 2-1 से जीता, फिर भी बढ़ी चिंता! विश्व कप से ठीक पहले टीम पर चोटों का साया
World Cup 2026 से पहले Germany का शक्ति प्रदर्शन, चोटों ने बढ़ाई Nagelsmann की परेशानी
Germany vs USA : फीफा विश्व कप 2026 की शुरुआत से ठीक पहले जर्मनी ने अमेरिका के खिलाफ अपने अंतिम तैयारी मुकाबले में 2-1 की जीत दर्ज कर अपनी मजबूत दावेदारी का संकेत दिया। हालांकि इस जीत के बावजूद जर्मन खेमे में पूरी तरह जश्न का माहौल नहीं है, क्योंकि टीम को खिलाड़ियों की फिटनेस और चोटों को लेकर गंभीर चिंताओं का सामना करना पड़ रहा है।
शिकागो के सोल्जर फील्ड में खेले गए इस हाई-प्रोफाइल मुकाबले में जर्मनी ने शुरुआती मिनटों से ही आक्रामक खेल दिखाया। काई हैवर्ट्ज़ ने मैच के शुरुआती चरण में गोल कर टीम को बढ़त दिलाई। अमेरिका ने शानदार वापसी करते हुए एंटोनी रॉबिन्सन के बेहतरीन गोल से बराबरी हासिल की, लेकिन दूसरे हाफ में लेरॉय साने के निर्णायक गोल ने जर्मनी को 2-1 की जीत दिला दी।
लगातार नौवीं जीत के साथ जर्मनी ने विश्व कप से पहले अपनी शानदार लय बरकरार रखी है। टीम की आक्रामकता, गेंद पर नियंत्रण और सामूहिक खेल ने एक बार फिर साबित किया कि वह खिताब की प्रमुख दावेदारों में शामिल है।
हालांकि जीत के बाद सबसे बड़ी चर्चा खिलाड़ियों की चोटों को लेकर रही। युवा प्रतिभा लेनार्ट कार्ल मांसपेशियों की चोट के कारण विश्व कप से बाहर हो गए हैं। उनकी जगह असान उएद्राओगो को अंतिम समय में टीम में शामिल किया गया है। यह बदलाव कोच जूलियन नागेल्समान की योजनाओं को प्रभावित कर सकता है।
दूसरी ओर अमेरिका भी हार के बावजूद कई सकारात्मक संकेत लेकर मैदान से उतरा। कोच मॉरिसियो पोचेटिनो की टीम ने मुकाबले के बड़े हिस्से में जर्मनी को कड़ी टक्कर दी। अमेरिका के लिए एंटोनी रॉबिन्सन, क्रिश्चियन पुलिसिक और मलिक टिलमैन का प्रदर्शन उत्साहजनक रहा।
अमेरिकी टीम भी चोटों की समस्या से जूझ रही है। प्रमुख डिफेंडर क्रिस रिचर्ड्स की फिटनेस अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, जिससे विश्व कप अभियान से पहले टीम की रक्षात्मक मजबूती पर सवाल बने हुए हैं।
विश्व कप 2026 के आगाज़ में अब कुछ ही दिन बाकी हैं। ऐसे में जर्मनी की यह जीत उसके आत्मविश्वास को नई ऊंचाई दे सकती है, लेकिन चोटिल खिलाड़ियों की स्थिति पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी। यदि प्रमुख खिलाड़ी समय पर फिट नहीं हो पाए, तो विश्व कप में जर्मनी की राह अपेक्षा से अधिक कठिन हो सकती है।
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