Vaccination Calendar: जन्म से 5 साल तक कौन-सा टीका कब लगेगा, जानें पूरा शेड्यूल
0 से 5 वर्ष तक बच्चों के टीकों की पूरी जानकारी: माता-पिता के लिए जरूरी Vaccination Calendar Guide
बच्चे के जन्म के बाद माता-पिता की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में से एक है उसका समय पर टीकाकरण कराना। टीके बच्चों को कई गंभीर और जानलेवा संक्रामक बीमारियों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भारत में बच्चों का नियमित टीकाकरण Universal Immunization Programme (UIP) के तहत किया जाता है और सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के माध्यम से निर्धारित टीके मुफ्त उपलब्ध कराए जाते हैं। राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में समय और टीके की खुराक के अनुसार अलग-अलग चरण तय किए गए हैं।
इस लेख में 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों के लिए National Immunization Schedule के अनुसार जरूरी टीकों और Vitamin A supplementation की जानकारी आसान भाषा में दी गई है।
जन्म के समय लगने वाले टीके
बच्चे के जन्म के बाद शुरुआती टीकाकरण बेहद महत्वपूर्ण होता है। राष्ट्रीय कार्यक्रम के अनुसार जन्म के समय मुख्य रूप से ये टीके दिए जाते हैं:
- BCG: टीबी से बचाव के लिए
- OPV-0: पोलियो से बचाव के लिए
- Hepatitis-B Birth Dose: हेपेटाइटिस-B से बचाव के लिए, जिसे जन्म के बाद जल्द से जल्द, प्राथमिकता से 24 घंटे के भीतर देने की सलाह दी जाती है।
अगर जन्म के समय कोई टीका छूट जाए, तो बच्चे के स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचने पर स्वास्थ्यकर्मी से आगे की catch-up vaccination के बारे में सलाह लेनी चाहिए।
6 सप्ताह की उम्र में
जब बच्चा 6 सप्ताह का होता है, तो टीकाकरण का अगला महत्वपूर्ण चरण शुरू होता है। इस समय आम तौर पर दिए जाने वाले टीकों में शामिल हैं:
- Pentavalent-1
- OPV-1
- Rotavirus-1
- fIPV-1
- PCV-1
Pentavalent vaccine एक ही टीके के माध्यम से कई संक्रमणों से सुरक्षा प्रदान करता है, जबकि OPV और IPV पोलियो से बचाव के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। PCV गंभीर pneumococcal infections से बचाव के लिए दिया जाता है।
10 सप्ताह की उम्र में
10 सप्ताह पर टीकाकरण की अगली खुराक दी जाती है:
- Pentavalent-2
- OPV-2
- Rotavirus-2
यहां एक महत्वपूर्ण बात ध्यान रखें: fIPV की खुराक 6 और 14 सप्ताह पर दी जाती है, इसलिए 10 सप्ताह के चरण में IPV को शामिल करना सही नहीं होगा।
14 सप्ताह की उम्र में
14 सप्ताह पर बच्चे को तीसरी प्राथमिक खुराकें दी जाती हैं:
- Pentavalent-3
- OPV-3
- Rotavirus-3
- fIPV-2
- PCV-2
इस चरण के बाद आगे के booster doses और अन्य टीकों का समय बच्चे की उम्र के अनुसार निर्धारित होता है।
9 से 12 महीने की उम्र में
9 महीने पूरे होने के बाद बच्चे के टीकाकरण में एक और महत्वपूर्ण चरण आता है।
इस उम्र में:
- MR-1 (Measles-Rubella): पहली खुराक
- PCV Booster: 9–12 महीने के बीच
- JE-1: जहां Japanese Encephalitis vaccination लागू है
- Vitamin A की पहली खुराक: 9 महीने पर
National Health Mission के schedule के अनुसार Vitamin A की पहली खुराक 9 महीने पर 1 लाख IU दी जाती है।
16 से 24 महीने की उम्र में
16–24 महीने का समय बच्चे के booster vaccination के लिए महत्वपूर्ण है। इस दौरान सामान्यतः:
- DPT Booster-1
- OPV Booster
- MR-2
- JE-2, जहां लागू हो
दिया जाता है। JE vaccination सभी जगह समान रूप से लागू नहीं है; यह निर्धारित endemic/select districts में कार्यक्रम के अनुसार दिया जाता है।
Vitamin A की दूसरी और आगे की खुराकें
Vitamin A को केवल 9 महीने की एक खुराक समझना सही नहीं है। National Health Mission के अनुसार बच्चों को 9 महीने से 5 वर्ष तक कुल 9 doses Vitamin A supplementation दिया जाता है। पहली खुराक 9 महीने पर 1 लाख IU होती है और इसके बाद 2 लाख IU की खुराकें दी जाती हैं।
व्यावहारिक रूप से schedule इस प्रकार समझ सकते हैं:
- 9 महीने: पहली dose — 1 लाख IU
- 16–18 महीने: दूसरी dose — 2 लाख IU
- इसके बाद हर 6 महीने में एक dose, 5 वर्ष की उम्र तक
यानी आगे की doses 24, 30, 36, 42, 48, 54 और 60 महीने पर होती हैं।
5 से 6 वर्ष की उम्र में
बच्चे के 5 से 6 वर्ष की उम्र के बीच DPT Booster-2 दिया जाता है। इसलिए इसे केवल “5 साल” तक सीमित लिखने के बजाय 5–6 वर्ष की उम्र लिखना अधिक सटीक है।
एक नजर में Vaccination Calendar
| बच्चे की उम्र | प्रमुख टीके/खुराक |
|---|---|
| जन्म के समय | BCG, OPV-0, Hepatitis-B Birth Dose |
| 6 सप्ताह | Pentavalent-1, OPV-1, Rotavirus-1, fIPV-1, PCV-1 |
| 10 सप्ताह | Pentavalent-2, OPV-2, Rotavirus-2 |
| 14 सप्ताह | Pentavalent-3, OPV-3, Rotavirus-3, fIPV-2, PCV-2 |
| 9–12 महीने | MR-1, PCV Booster, JE-1* |
| 9 महीने | Vitamin A — पहली dose |
| 16–24 महीने | DPT Booster-1, OPV Booster, MR-2, JE-2* |
| 16–18 महीने | Vitamin A — दूसरी dose |
| हर 6 महीने, 5 साल तक | Vitamin A की अगली doses |
| 5–6 वर्ष | DPT Booster-2 |
* JE उन क्षेत्रों/जिलों में जहां यह टीकाकरण कार्यक्रम के तहत लागू है।
अगर बच्चे का कोई टीका छूट जाए तो क्या करें?
अगर निर्धारित तारीख पर बच्चा टीका नहीं लगवा पाया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। पुराने schedule को खुद से दोबारा शुरू करने के बजाय बच्चे का vaccination card लेकर सरकारी स्वास्थ्य केंद्र या डॉक्टर से catch-up vaccination की सलाह लें।
National Health Mission की child-health guidance के अनुसार छूटी हुई vaccination को उचित उम्र के बाद भी दिया जा सकता है और सामान्यतः पूरी श्रृंखला दोबारा शुरू करने की जरूरत नहीं होती; स्वास्थ्यकर्मी बच्चे की उम्र और पहले लग चुके टीकों के आधार पर अगली खुराक तय करते हैं।
टीका लगने के बाद क्या ध्यान रखें?
टीकाकरण के बाद कुछ बच्चों में हल्का बुखार, इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द, लालिमा या हल्की सूजन जैसी सामान्य प्रतिक्रियाएं हो सकती हैं। बच्चे को आराम दें और उसकी स्थिति पर नजर रखें।
लेकिन अगर बच्चे को तेज या लगातार बुखार, सांस लेने में परेशानी, गंभीर एलर्जी के लक्षण, अत्यधिक सुस्ती या कोई अन्य चिंताजनक लक्षण दिखाई दे, तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।
बच्चे को कोई दवा या pain reliever अपनी तरफ से देने के बजाय डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी की सलाह लेना बेहतर है।
Vaccination Card संभालकर रखना क्यों जरूरी है?
हर टीके की तारीख और dose का रिकॉर्ड संभालकर रखना बहुत जरूरी है। Vaccination card को सुरक्षित रखें और हर बार टीका लगवाते समय उसे स्वास्थ्यकर्मी को दिखाएं।
भारत में U-WIN प्लेटफॉर्म के माध्यम से Universal Immunization Programme के तहत बच्चों और गर्भवती महिलाओं के vaccination records को डिजिटल रूप से दर्ज करने की सुविधा भी उपलब्ध है।
डिजिटल रिकॉर्ड सुविधा भविष्य में vaccination history देखने और अगली dose की जानकारी रखने में उपयोगी हो सकती है।
सरकारी अस्पताल में मुफ्त टीकाकरण
Universal Immunization Programme के तहत निर्धारित routine vaccines सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के माध्यम से मुफ्त उपलब्ध कराए जाते हैं। माता-पिता अपने नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र से routine immunization session और उपलब्ध टीकों की जानकारी ले सकते हैं।
इसके अलावा, Mission Indradhanush जैसे विशेष अभियानों का उद्देश्य उन बच्चों और गर्भवती महिलाओं तक टीकाकरण पहुंचाना है जो routine immunization से छूट गए हैं।
माता-पिता के लिए जरूरी बातें
बच्चे का vaccination schedule याद रखने के लिए:
- बच्चे का Vaccination Card सुरक्षित रखें।
- हर dose की तारीख नोट करें।
- टीका छूटने पर खुद से schedule दोबारा शुरू न करें।
- सरकारी स्वास्थ्य केंद्र या बाल रोग विशेषज्ञ से catch-up schedule पूछें।
- JE जैसे टीकों के लिए अपने क्षेत्र में लागू schedule की पुष्टि करें।
- Vitamin A को भी vaccination schedule के साथ नजरअंदाज न करें।
- बच्चे की किसी विशेष medical condition या previous vaccine reaction की जानकारी डॉक्टर को जरूर दें।
निष्कर्ष
Vaccination Calendar सिर्फ टीकों की तारीखों की सूची नहीं है, बल्कि बच्चे को शुरुआती वर्षों में कई गंभीर संक्रामक बीमारियों से बचाने की एक महत्वपूर्ण व्यवस्था है। जन्म के समय BCG, OPV और Hepatitis-B से शुरू होकर 6, 10 और 14 सप्ताह की primary doses, 9–12 महीने पर MR और PCV booster, 16–24 महीने के booster तथा 5–6 वर्ष के DPT booster तक हर चरण का अपना महत्व है।
माता-पिता को बच्चे की उम्र के अनुसार vaccination card नियमित रूप से जांचना चाहिए और किसी dose के छूटने पर नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र या qualified pediatrician से सलाह लेनी चाहिए।
नोट: यह लेख भारत के National Immunization Schedule और National Health Mission की उपलब्ध आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। टीकाकरण schedule राज्य, क्षेत्र, अभियान या बच्चे की विशेष स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अलग हो सकता है। अपने बच्चे के लिए अंतिम निर्णय हमेशा डॉक्टर या अधिकृत स्वास्थ्यकर्मी की सलाह के अनुसार लें। वर्तमान आधिकारिक जानकारी के लिए National Health Mission की vaccination resources भी देखें।
नोट: टीकाकरण का यह शेड्यूल राष्ट्रीय दिशा-निर्देशों पर आधारित है। अपने बच्चे के लिए सटीक और व्यक्तिगत सलाह के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। यह एक संवेदनशील स्वास्थ्य विषय है — अगर बच्चे की सेहत को लेकर कोई चिंता है, तो कृपया तुरंत चिकित्सक से सलाह लें।
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