आयुष्मान भारत योजना: अब 70 साल से ऊपर के हर बुजुर्ग को मिलेगा ₹5 लाख का अलग से कवर
आयुष्मान भारत योजना (PM-JAY): 2018 में शुरू हुई देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना अब बुजुर्गों को आय की शर्त हटाकर अतिरिक्त सुरक्षा कवच दे रही है
किसी भी परिवार के लिए गंभीर बीमारी सबसे बड़ी वित्तीय आपदा साबित होती है, जो अक्सर सालों की जमा-पूंजी को कुछ ही दिनों में खत्म कर देती है। इसी समस्या से निपटने के लिए केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना (PM-JAY) देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में गिनी जाती है, और हाल ही में इसमें बुजुर्गों के लिए एक बड़ा अतिरिक्त लाभ भी जोड़ा गया है।
योजना कब शुरू हुई थी
आयुष्मान भारत योजना, जिसे प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) भी कहा जाता है, की शुरुआत 23 सितंबर 2018 को हुई थी। इसका मकसद आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज पर होने वाले भारी खर्च से बचाना और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच दिलाना था।
योजना के तहत कितना कवर मिलता है
पात्र परिवारों को इस योजना के तहत प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का कैशलेस स्वास्थ्य कवर मिलता है। यह एक “फैमिली फ्लोटर” व्यवस्था है, यानी परिवार का कोई भी सदस्य जरूरत पड़ने पर इस कवर का इस्तेमाल कर सकता है। योजना के तहत 1,900 से ज्यादा बीमारियों और मेडिकल प्रक्रियाओं का इलाज कवर किया जाता है, जिसमें अस्पताल में भर्ती होने से पहले और बाद के खर्च भी शामिल हैं।
बुजुर्गों के लिए बड़ा नया अपडेट
योजना में हुए सबसे अहम बदलाव के तहत अब 70 वर्ष या उससे अधिक उम्र के हर नागरिक को, चाहे उसकी आय कितनी भी हो, ₹5 लाख के कवर का हकदार बना दिया गया है। जो परिवार पहले से इस योजना के तहत कवर हैं, उनके घर के बुजुर्ग सदस्यों को यह ₹5 लाख का कवर परिवार के मौजूदा कवर से अलग, एक अतिरिक्त टॉप-अप के रूप में मिलता है। इसका सीधा फायदा यह है कि परिवार का मौजूदा कवर खर्च हुए बिना ही घर के बुजुर्गों का इलाज हो सकता है।
कवर बढ़ाने पर भी चल रहा है विचार
एक संसदीय समिति ने हाल ही में यह सिफारिश की है कि योजना के तहत मिलने वाले ₹5 लाख के कवर को बढ़ाकर ₹10 लाख किया जाए। यह अभी सिर्फ एक सिफारिश है और इसे लागू नहीं किया गया है, लेकिन यह दिखाता है कि आने वाले समय में योजना का दायरा और बड़ा हो सकता है।
कितने लोगों को मिल चुका है फायदा
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 31 जनवरी 2026 तक इस योजना के तहत करीब 11.46 करोड़ अस्पताल में भर्ती होने के मामलों को अधिकृत किया जा चुका है, जिन पर कुल मिलाकर ₹1.69 लाख करोड़ से ज्यादा खर्च हुआ है। इसके अलावा 43 करोड़ से ज्यादा आयुष्मान कार्ड भी अब तक जारी किए जा चुके हैं। यह योजना फिलहाल देश के 35 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू है।
पात्रता कैसे तय होती है
योजना के तहत पात्रता सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना (SECC 2011) के आंकड़ों के आधार पर तय की जाती है। इसका मतलब है कि हर व्यक्ति अपने आप इस योजना का पात्र नहीं बन जाता — पात्रता सूची में नाम होना जरूरी है। हालांकि 70 वर्ष से ऊपर के नागरिकों के लिए बनाया गया नया प्रावधान इस शर्त से अलग है, और उस पर आय या SECC सूची की बाध्यता लागू नहीं होती।
आयुष्मान कार्ड कैसे बनवाएं
- नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), आयुष्मान मित्र काउंटर या पैनल में शामिल अस्पताल में जाएं।
- आधार कार्ड और राशन कार्ड जैसे पहचान दस्तावेज साथ ले जाएं।
- मोबाइल नंबर के जरिए सत्यापन के बाद पात्रता की जांच की जाती है।
- पात्र पाए जाने पर आयुष्मान कार्ड बनाया जाता है, जिसे दिखाकर पैनलबद्ध अस्पतालों में कैशलेस इलाज कराया जा सकता है।
अब आधार आधारित e-KYC को भी अनिवार्य किया जा रहा है, और डिजिटल आयुष्मान कार्ड को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि प्रक्रिया और आसान व पारदर्शी बन सके।
ABHA ID से जुड़ा फायदा
आयुष्मान कार्ड के साथ-साथ अब ABHA ID (आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट), एक 14 अंकों की डिजिटल पहचान भी बनाई जा रही है। इसका फायदा यह है कि मरीज के सभी मेडिकल रिकॉर्ड — जैसे रिपोर्ट और पर्चियां — डिजिटल रूप से सुरक्षित रहते हैं, और डॉक्टर को इलाज के दौरान सिर्फ यह आईडी दिखाने भर से पूरी मेडिकल हिस्ट्री उपलब्ध हो जाती है।
राज्यों की अपनी अतिरिक्त योजनाएं
कई राज्यों ने आयुष्मान भारत योजना के साथ अपनी राज्य स्तरीय योजनाओं को भी जोड़ा है, ताकि पात्रता सूची से छूटे परिवारों को भी कवर मिल सके। उदाहरण के तौर पर उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना और उत्तराखंड में अटल आयुष्मान योजना जैसी पहलें राज्य स्तर पर अतिरिक्त कवरेज देने का काम कर रही हैं।
एक नजर में: आयुष्मान भारत योजना
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | आयुष्मान भारत योजना / PM-JAY |
| शुरू होने की तारीख | 23 सितंबर 2018 |
| मुख्य कवर राशि | ₹5 लाख प्रति परिवार प्रति वर्ष |
| बुजुर्गों के लिए नया प्रावधान | 70+ आयु वर्ग को अतिरिक्त ₹5 लाख, बिना आय शर्त |
| जारी किए गए कार्ड | 43 करोड़ से अधिक (फरवरी 2026 तक) |
| कवर की जाने वाली बीमारियां | 1,900 से अधिक |
| पात्रता का आधार | SECC 2011 डेटा |
नोट: योजना से जुड़े नियम, कवर राशि और राज्य-स्तरीय प्रावधान समय-समय पर बदल सकते हैं। कवर बढ़ाकर ₹10 लाख करने की सिफारिश अभी लागू नहीं हुई है। अपनी पात्रता और आयुष्मान कार्ड से जुड़ी सटीक जानकारी के लिए नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर या आयुष्मान भारत की आधिकारिक वेबसाइट से संपर्क करें।
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