ई-संजीवनी: घर बैठे मुफ्त में डॉक्टर से बात करने का पूरा तरीका जानें
2019 में शुरू हुई सरकार की यह टेलीमेडिसिन सेवा अब तक 8 करोड़ से ज्यादा लोगों को घर बैठे मुफ्त डॉक्टरी सलाह दे चुकी है
गांव-देहात में रहने वाले लाखों लोगों के लिए अक्सर सबसे बड़ी दिक्कत यही होती है कि छोटी-मोटी बीमारी के लिए भी शहर के अस्पताल तक जाना पड़ता है, जिसमें समय और पैसा दोनों खर्च होता है। इसी समस्या का समाधान लेकर आई है केंद्र सरकार की टेलीमेडिसिन सेवा ई-संजीवनी, जो अब घर बैठे स्मार्टफोन के जरिए ही डॉक्टर से मुफ्त सलाह लेने की सुविधा देती है।
सेवा कब शुरू हुई थी
ई-संजीवनी को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने नवंबर 2019 में शुरू किया था। इसे सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस कंप्यूटिंग (C-DAC), मोहाली द्वारा विकसित किया गया है। शुरुआत में यह सेवा सीमित स्तर पर उपलब्ध थी, लेकिन कोविड-19 महामारी के दौरान जब लोगों का अस्पताल जाना मुश्किल हो गया, तब इस सेवा का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा और यह करोड़ों लोगों तक पहुंच गई।
अब तक कितने लोगों को मिल चुका है फायदा
हाल के आंकड़ों के मुताबिक, ई-संजीवनी सेवा के जरिए अब तक 8 करोड़ से अधिक टेली-परामर्श पूरे किए जा चुके हैं। शुरुआती दौर में जहां 1 करोड़ परामर्श पूरे होने में काफी समय लगा था, वहीं बाद के दौर में यह रफ्तार इतनी तेज हो गई कि सिर्फ 5 हफ्तों में ही 1 करोड़ नए परामर्श पूरे कर लिए गए। यह आंकड़ा खुद बताता है कि यह सेवा किस तेजी से लोगों के बीच लोकप्रिय होती जा रही है।
ई-संजीवनी के दो तरीके
ई-संजीवनी सेवा मुख्य रूप से दो तरीकों से काम करती है:
- ई-संजीवनी OPD (डॉक्टर-टू-पेशेंट): इसमें मरीज सीधे अपने घर से डॉक्टर से वीडियो कॉल के जरिए बात कर सकता है, ठीक वैसे ही जैसे किसी सामान्य OPD में डॉक्टर को दिखाया जाता है।
- ई-संजीवनी (डॉक्टर-टू-डॉक्टर): इसमें दूरदराज के स्वास्थ्य केंद्र पर मौजूद डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी बड़े अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टर से मरीज के बारे में सलाह लेते हैं, जिससे मरीज को गांव में रहते हुए भी विशेषज्ञ की राय मिल जाती है।
घर बैठे परामर्श लेने की पूरी प्रक्रिया
- सबसे पहले अपने स्मार्टफोन में eSanjeevaniOPD ऐप डाउनलोड करें, या इसकी आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
- अपने मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन करें और OTP के जरिए उसे वेरिफाई करें।
- अपनी बीमारी से जुड़ी जानकारी और जरूरी विवरण भरें, जैसे उम्र, लक्षण और पहले से चल रही कोई दवा।
- अपने राज्य में उपलब्ध संबंधित विभाग (जैसे सामान्य चिकित्सा, स्त्री रोग, त्वचा रोग आदि) का चयन करें।
- टोकन जनरेट होने के बाद अपनी बारी आने पर आपको सूचना मिलेगी, और डॉक्टर से वीडियो कॉल के जरिए परामर्श शुरू हो जाएगा।
- परामर्श के बाद डॉक्टर द्वारा दी गई पर्ची (प्रिस्क्रिप्शन) ऐप पर ही डाउनलोड की जा सकती है।
किन बीमारियों के लिए ले सकते हैं सलाह
ई-संजीवनी सामान्य बीमारियों से लेकर कुछ विशेषज्ञ सेवाओं तक के लिए परामर्श देती है, जिसमें टेली-कार्डियोलॉजी (हृदय रोग) और टेली-नेत्र विज्ञान (आंखों से जुड़ी बीमारियां) जैसी विशेष सेवाएं भी शामिल हैं। हालांकि, गंभीर या आपातकालीन स्थिति में मरीज को सीधे नजदीकी अस्पताल जाने की सलाह दी जाती है — यह सेवा आपातकालीन इलाज का विकल्प नहीं है।
सेवा का इस्तेमाल करने के लिए क्या चाहिए
- एक स्मार्टफोन या कंप्यूटर, जिसमें इंटरनेट कनेक्शन हो
- मोबाइल नंबर, जो OTP सत्यापन के लिए इस्तेमाल होगा
- मरीज की बुनियादी जानकारी, जैसे उम्र, लिंग और लक्षण
क्यों है यह सेवा खास
ई-संजीवनी ने शहरी और ग्रामीण भारत के बीच स्वास्थ्य सेवाओं की खाई को पाटने का काम किया है। रोजाना हजारों की संख्या में मरीज देशभर में मौजूद सैकड़ों डॉक्टरों और विशेषज्ञों से इस सेवा के जरिए सलाह ले रहे हैं। खासतौर पर उन इलाकों के लिए यह सेवा वरदान साबित हो रही है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी है और मरीजों को इलाज के लिए घंटों का सफर तय करना पड़ता है।
ध्यान रखने योग्य बातें
- यह सेवा पूरी तरह मुफ्त है, इसके लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता
- वीडियो कॉल के दौरान शांत और अच्छी रोशनी वाली जगह पर बैठें, ताकि डॉक्टर आपको सही तरीके से देख सकें
- अगर पहले से कोई मेडिकल रिपोर्ट या दवा की पर्ची है, तो उसे साथ रखें ताकि परामर्श के दौरान डॉक्टर को दिखाया जा सके
- गंभीर लक्षण जैसे तेज सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ या बेहोशी की स्थिति में सीधे नजदीकी अस्पताल की इमरजेंसी में जाएं, ऑनलाइन परामर्श का इंतजार न करें
एक नजर में: ई-संजीवनी सेवा
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| सेवा का नाम | ई-संजीवनी (राष्ट्रीय टेलीमेडिसिन सेवा) |
| शुरू होने का वर्ष | नवंबर 2019 |
| संचालन | केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय |
| अब तक पूरे हुए परामर्श | 8 करोड़ से अधिक |
| सेवा शुल्क | पूरी तरह मुफ्त |
| उपलब्ध मोड | ओपीडी (मरीज-डॉक्टर) और डॉक्टर-डॉक्टर परामर्श |
नोट: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है और चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं है। गंभीर स्वास्थ्य समस्या या आपातकालीन स्थिति में तुरंत नजदीकी अस्पताल जाएं या स्थानीय आपातकालीन सेवा से संपर्क करें। सेवा से जुड़ी ताजा जानकारी के लिए eSanjeevaniOPD की आधिकारिक वेबसाइट देखें।