ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को हराकर जीता सातवां खिताब ICC Women’s T20 World Cup 2026
ICC Women’s T20 World Cup 2026
लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर रविवार, 5 जुलाई 2026 को खेले गए ICC महिला T20 वर्ल्ड कप 2026 फाइनल में ऑस्ट्रेलिया महिला टीम ने मेज़बान इंग्लैंड को 7 विकेट से हराकर अपना रिकॉर्ड-विस्तारित सातवां खिताब अपने नाम कर लिया। यह उसी मैदान पर हुआ जहां इंग्लैंड ने 2009 में पहला महिला T20 वर्ल्ड कप जीता था, लेकिन 17 साल बाद भी घरेलू मैदान पर खिताब का इंतज़ार खत्म नहीं हो सका।
टॉस ऑस्ट्रेलियाई कप्तान सोफी मोलिन्यू ने जीता और पहले गेंदबाज़ी करने का फैसला किया।
इंग्लैंड की पारी: 150-4 (20 ओवर)
इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। सलामी बल्लेबाज़ एमी जोंस मात्र 6 रन (6 गेंद, 1 चौका) बनाकर पहले ही ओवर में लूसी हैमिल्टन की गेंद पर जॉर्जिया वॉल के हाथों कैच थमा बैठीं — स्कोर था 7-1 (1.2 ओवर)। इसके बाद डैनी व्याट-हॉज भी 8 रन (9 गेंद, 1 चौका) बनाकर एनाबेल सदरलैंड की गेंद पर बेथ मूनी के हाथों लपकी गईं — स्कोर 32-2 (4.5 ओवर)।
मध्यक्रम में भी इंग्लैंड को झटके लगते रहे। एलिस कैप्सी ने 23 रन (20 गेंद, 2 चौके, 1 छक्का) बनाए, इससे पहले कि वे सोफी मोलिन्यू की गेंद पर बोल्ड हो जातीं — स्कोर 67-3 (9.4 ओवर)। कप्तान हीदर नाइट भी सिर्फ 2 रन बनाकर किम गार्थ की गेंद पर पगबाधा आउट हुईं — स्कोर 70-4 (10.5 ओवर)।
चार विकेट गिरने के बाद इंग्लैंड की पारी को कप्तान नैट सिवर-ब्रंट ने संभाला। उन्होंने फ्रेया केम्प के साथ मिलकर पांचवें विकेट के लिए नाबाद साझेदारी करते हुए टीम को संकट से निकाला। सिवर-ब्रंट ने 53 गेंदों में 58 रन (5 चौके) की धैर्यपूर्ण पारी खेली, जबकि केम्प ने आखिरी ओवरों में तेज़ी दिखाते हुए 28 गेंदों में 44 रन (4 चौके, 1 छक्का) बनाए। इस साझेदारी की बदौलत इंग्लैंड ने 20 ओवर में 4 विकेट पर 150 रन बनाए।
ऑस्ट्रेलिया की गेंदबाज़ी: किम गार्थ (1/20), लूसी हैमिल्टन (1/19), सोफी मोलिन्यू (1/32) और एनाबेल सदरलैंड (1/34) को एक-एक विकेट मिला। जॉर्जिया वेयरहैम (0/9, सिर्फ 2 ओवर) और ऐश गार्डनर (0/32) विकेटविहीन रहीं।
ऑस्ट्रेलिया की पारी: 153-3 (17.1 ओवर, रन रेट 8.91)
151 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया को शुरुआती झटका जल्दी लगा। जॉर्जिया वॉल केवल 9 रन (6 गेंद, 2 चौके) बनाकर लॉरेन बेल की गेंद पर बोल्ड हो गईं — स्कोर 17-1 (1.5 ओवर)।
इसके बाद विकेटकीपर-बल्लेबाज़ बेथ मूनी और फीबी लिचफील्ड ने मिलकर मैच का रुख पूरी तरह पलट दिया। दोनों ने आक्रामक बल्लेबाज़ी करते हुए दूसरे विकेट के लिए 100 रनों की विस्फोटक साझेदारी की। लिचफील्ड ने 35 गेंदों में 48 रन (6 चौके, 2 छक्के) की तूफानी पारी खेली, इससे पहले कि वे चार्ली डीन की गेंद पर बोल्ड हो जातीं — स्कोर 117-2 (12.6 ओवर)। कुछ ही ओवर बाद मूनी भी 49 गेंदों में 64 रन (10 चौके) बनाकर सोफी एक्लस्टोन की गेंद पर पगबाधा आउट हुईं — स्कोर 140-3 (15.6 ओवर)।
लेकिन तब तक ऑस्ट्रेलिया जीत के बेहद करीब पहुंच चुका था। अनुभवी ऑलराउंडर एलिस पेरी (नाबाद 13, 12 गेंद, 2 चौके) और ऐश गार्डनर (नाबाद 3, 2 गेंद) ने बिना किसी दबाव के बाकी बचा काम पूरा किया और टीम को 17.1 ओवर में ही 3 विकेट पर 153 रन तक पहुंचाकर 7 विकेट से शानदार जीत दिला दी।
इंग्लैंड की गेंदबाज़ी: चार्ली डीन (1/28), लॉरेन बेल (1/38) और सोफी एक्लस्टोन (1/24) को एक-एक विकेट मिला। लिन्सी स्मिथ (0/30), फ्रेया केम्प (0/22) और डेनियल गिब्सन (0/7) विकेटविहीन रहीं।
टूर्नामेंट में ऑस्ट्रेलिया का सफर
फाइनल की यह जीत ऑस्ट्रेलिया के पूरे टूर्नामेंट में दिखाए गए दबदबे का स्वाभाविक नतीजा थी। ग्रुप चरण में दक्षिण अफ्रीका, बांग्लादेश, नीदरलैंड्स, पाकिस्तान और भारत जैसी टीमों के खिलाफ खेलते हुए ऑस्ट्रेलिया ने एक भी मैच नहीं गंवाया और अजेय रहते हुए ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल किया। इस दौरान बेथ मूनी का फॉर्म उतार-चढ़ाव भरा रहा — दक्षिण अफ्रीका और बांग्लादेश के खिलाफ शुरुआती मैचों में कम स्कोर के बाद उन्होंने नीदरलैंड्स के खिलाफ नाबाद 74 रनों की पारी खेली, हालांकि पाकिस्तान और भारत के खिलाफ वे क्रमशः केवल 0 और 22 रन ही बना सकीं। सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने वेस्टइंडीज़ को हराकर फाइनल में जगह पक्की की। पूरे टूर्नामेंट के दौरान एलिस पेरी और ऐश गार्डनर जैसी अनुभवी ऑलराउंडरों ने टीम को संतुलन दिया, जबकि युवा फीबी लिचफील्ड ने बल्ले से लगातार भरोसा जीता। यही सामूहिक निरंतरता आखिरकार फाइनल में मूनी-लिचफील्ड की विस्फोटक साझेदारी और पेरी-गार्डनर के शांत समापन की बुनियाद बनी, और ऑस्ट्रेलिया को महिला T20 क्रिकेट की सबसे सफल टीम के तौर पर अपना दबदबा एक बार फिर साबित करने का मौका दिया।Fifa World Cup Fan Moments: फीफा वर्ल्ड कप के सबसे यादगार फैन मोमेंट्स जिन्होंने इतिहास रच दिया
नतीजा और प्लेयर ऑफ द मैच
इंग्लैंड के लिए यह हार एक बार फिर उसी पुराने दर्द को ताज़ा कर गई — घरेलू मैदान पर, अपने ही समर्थकों के सामने, 2009 के बाद पहला खिताब जीतने का सपना एक बार फिर अधूरा रह गया। इससे पहले भी 2012, 2014 और 2018 के फाइनल में इंग्लैंड को ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। कप्तान नैट सिवर-ब्रंट और फ्रेया केम्प की नाबाद साझेदारी के बावजूद, फाइनल के दिन ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाज़ी गहराई भारी पड़ गई।
अपनी 49 गेंदों में 64 रनों की मैच जिताऊ पारी के लिए बेथ मूनी को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया, जिन्होंने फीबी लिचफील्ड के साथ मिलकर लक्ष्य का पीछा करते हुए मैच को लगभग पूरी तरह ऑस्ट्रेलिया के पक्ष में झुका दिया था।







