Keir Starmer Resigns: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने दिया इस्तीफा, 10 साल में छठे PM बने पद छोड़ने वाले नेता
Keir Starmer ने UK प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। जानिए Labour Party का दबाव, Andy Burnham की चुनौती और आगे क्या होगा।
ब्रिटेन की राजनीति में एक और बड़ा राजनीतिक भूचाल आ गया है। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर (Keir Starmer) ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है। वर्ष 2024 के आम चुनाव में ऐतिहासिक जीत दिलाने वाले स्टार्मर महज दो साल के भीतर ही पद छोड़ने को मजबूर हो गए। उनका इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब उनकी अपनी लेबर पार्टी (Labour Party) के भीतर नेतृत्व परिवर्तन की मांग लगातार तेज हो रही थी।
इस्तीफे की घोषणा में क्या कहा?
डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर अपने भावुक संबोधन में स्टार्मर ने कहा कि वह “अच्छे मन से” यह स्वीकार करते हैं कि अगले चुनाव में पार्टी का नेतृत्व करने के लिए शायद वह सबसे उपयुक्त व्यक्ति नहीं हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नया नेता चुने जाने तक वह प्रधानमंत्री पद पर बने रहेंगे ताकि सत्ता का शांतिपूर्ण और व्यवस्थित हस्तांतरण सुनिश्चित किया जा सके।
आखिर क्यों देना पड़ा इस्तीफा?
स्टार्मर के इस्तीफे के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। हाल के महीनों में उनकी लोकप्रियता में लगातार गिरावट दर्ज की गई। आर्थिक चुनौतियां, कल्याणकारी योजनाओं को लेकर विवाद, सरकार के कई यू-टर्न और पार्टी के भीतर बढ़ती असंतुष्टि ने उनके नेतृत्व को कमजोर कर दिया।
इसके अलावा पीटर मैंडेलसन से जुड़ा विवाद भी उनकी सरकार के लिए बड़ा सिरदर्द साबित हुआ। विपक्ष और पार्टी के कई सांसदों ने सरकार के फैसलों पर सवाल उठाए, जिससे स्टार्मर की साख को नुकसान पहुंचा।
Andy Burnham की चुनौती बनी निर्णायक
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर एंडी बर्नहम (Andy Burnham) की बढ़ती लोकप्रियता ने स्टार्मर की मुश्किलें और बढ़ा दीं। हालिया उपचुनाव में बर्नहम की प्रभावशाली जीत के बाद लेबर पार्टी के भीतर नेतृत्व परिवर्तन की मांग खुलकर सामने आने लगी। रिपोर्टों के अनुसार 100 से अधिक सांसदों ने स्टार्मर से पद छोड़ने या स्पष्ट समयसीमा घोषित करने की मांग की थी।
चुनावी प्रदर्शन और गिरती लोकप्रियता
2024 में भारी बहुमत से सत्ता में आने के बावजूद स्टार्मर जनता के बीच अपनी लोकप्रियता बनाए नहीं रख सके। कई सर्वेक्षणों में उनकी स्वीकार्यता लगातार गिरती दिखाई दी। स्थानीय चुनावों में लेबर पार्टी के खराब प्रदर्शन ने पार्टी नेतृत्व को चिंतित कर दिया। इसी दौरान निगेल फराज की Reform UK पार्टी ने जनसमर्थन में तेजी से बढ़त हासिल की, जिससे लेबर सांसदों का दबाव और बढ़ गया।
10 साल में छठे प्रधानमंत्री का इस्तीफा
स्टार्मर का इस्तीफा ब्रिटेन में जारी राजनीतिक अस्थिरता का एक और उदाहरण है। 2016 के ब्रेक्सिट जनमत संग्रह के बाद से डेविड कैमरून, थेरेसा मे, बोरिस जॉनसन, लिज ट्रस, ऋषि सुनक और अब कीर स्टार्मर पद छोड़ चुके हैं। इस तरह पिछले दस वर्षों में ब्रिटेन छह प्रधानमंत्रियों को खो चुका है।
आगे क्या होगा?
लेबर पार्टी अब नए नेता के चुनाव की प्रक्रिया शुरू करेगी। नामांकन जुलाई में शुरू होने की संभावना है और सितंबर में संसद के दोबारा शुरू होने से पहले नए नेता का चयन किया जा सकता है। एंडी बर्नहम को इस दौड़ का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है, हालांकि अंतिम फैसला पार्टी सदस्यों और सांसदों की प्रक्रिया के बाद ही होगा।
ब्रिटेन की राजनीति के लिए क्या मायने?
स्टार्मर का इस्तीफा केवल नेतृत्व परिवर्तन नहीं है बल्कि यह ब्रिटिश राजनीति में बढ़ती अस्थिरता का संकेत भी है। एक समय स्थिर शासन का वादा करने वाले नेता का दो साल में पद छोड़ना यह दर्शाता है कि ब्रिटेन की दो प्रमुख पार्टियों के सामने मतदाताओं का भरोसा बनाए रखना पहले से कहीं अधिक कठिन हो गया है। आने वाले महीनों में नया लेबर नेता न केवल पार्टी को एकजुट करने की चुनौती का सामना करेगा, बल्कि Reform UK जैसी उभरती ताकतों से मुकाबला भी करेगा।
निष्कर्ष
कीर स्टार्मर का इस्तीफा ब्रिटेन की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। भारी बहुमत के बावजूद पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष, गिरती लोकप्रियता और नेतृत्व संकट ने उन्हें पद छोड़ने पर मजबूर कर दिया। अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर होगी कि लेबर पार्टी किसे अपना नया नेता चुनती है और क्या वह पार्टी को फिर से राजनीतिक मजबूती दिला पाता है।
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