FIFA World Cup 2026: ग्रुप स्टेज खत्म, 16 टीमों की टूर्नामेंट से विदाई

फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप चरण का रोमांचक सफर समाप्त हो चुका है। 72 मुकाबलों के बाद 48 में से 32 टीमें राउंड ऑफ 32 में पहुंच गई हैं, जबकि 16 देशों का विश्व कप अभियान यहीं खत्म हो गया। नए 48-टीम प्रारूप में पहली बार आठ सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान वाली टीमों को भी नॉकआउट में जगह मिली, लेकिन कई बड़ी टीमें इस अवसर का फायदा नहीं उठा सकीं।
इस बार ग्रुप स्टेज में कुछ अप्रत्याशित नतीजे देखने को मिले। दो बार की विश्व चैंपियन उरुग्वे, एशिया की मजबूत टीम दक्षिण कोरिया और प्रतिभाशाली तुर्किये जैसी टीमें नॉकआउट दौर में जगह बनाने में असफल रहीं। वहीं पहली बार विश्व कप खेलने वाली कुछ टीमों ने हार के बावजूद अपने जुझारू प्रदर्शन से प्रशंसकों का दिल जीत लिया।
ग्रुप A: दक्षिण कोरिया की चौंकाने वाली विदाई
ग्रुप A से चेकिया और दक्षिण कोरिया बाहर हो गए। चेकिया तीन मैचों में सिर्फ एक अंक हासिल कर सकी और पांच गोल खाए। दूसरी ओर, दक्षिण कोरिया ने शुरुआती मुकाबले में जीत दर्ज कर मजबूत शुरुआत की थी, लेकिन लगातार दो हार ने उनका अभियान खत्म कर दिया। विशेष रूप से दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अंतिम मुकाबले में मिली हार टीम के लिए सबसे बड़ा झटका साबित हुई।
ग्रुप B: कतर का निराशाजनक प्रदर्शन
2022 विश्व कप की मेजबान कतर इस बार भी प्रभाव छोड़ने में असफल रही। टीम ने तीन मैचों में केवल एक अंक हासिल किया और 10 गोल खाए। कनाडा के खिलाफ 6-0 की करारी हार टूर्नामेंट की सबसे एकतरफा हारों में शामिल रही।
ग्रुप C: स्कॉटलैंड की वापसी अधूरी रही
करीब 28 वर्षों बाद विश्व कप खेलने लौटी स्कॉटलैंड ने हैती को हराकर शानदार शुरुआत की, लेकिन मोरक्को और ब्राज़ील के खिलाफ हार के बाद टीम बाहर हो गई। वहीं हैती को तीनों मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा, हालांकि टीम ने कठिन मुकाबलों में संघर्ष का परिचय दिया।
ग्रुप D: तुर्किये उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी
तुर्किये का प्रदर्शन पूरे ग्रुप चरण में अस्थिर रहा। शुरुआती दो मुकाबले हारने के बाद टीम ने अंतिम मैच में अमेरिका को हराया, लेकिन तब तक नॉकआउट की उम्मीदें समाप्त हो चुकी थीं। युवा स्टार अर्दा ग्यूलर ने टीम के बाहर होने के बाद प्रशंसकों से माफी भी मांगी।
ग्रुप E: कुरासाओ ने हार में भी जीता दिल
विश्व कप में पदार्पण करने वाली कुरासाओ ने जर्मनी के खिलाफ 7-1 की हार झेली, लेकिन इक्वाडोर के खिलाफ 1-1 का ऐतिहासिक ड्रॉ उनके अभियान का सबसे यादगार पल रहा। छोटे कैरेबियाई देश ने सीमित संसाधनों के बावजूद साहसिक प्रदर्शन किया।
ग्रुप F: ट्यूनीशिया का सबसे खराब विश्व कप
ट्यूनीशिया बिना कोई अंक हासिल किए टूर्नामेंट से बाहर हो गया। तीन मैचों में केवल एक गोल करने वाली टीम ने कुल 10 गोल खाए और अपने विश्व कप इतिहास का सबसे खराब प्रदर्शन दर्ज किया।
ग्रुप G: ईरान बेहद करीब आकर चूका
न्यूज़ीलैंड केवल एक अंक के साथ बाहर हो गया, जबकि ईरान दो ड्रॉ और एक हार के बाद तीसरे स्थान पर रहा। हालांकि गोल अंतर और नए प्रारूप की गणना में ईरान सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान वाली टीमों में जगह बनाने से सिर्फ एक स्थान पीछे रह गया।
ग्रुप H: सबसे बड़ा उलटफेर बना उरुग्वे का बाहर होना
विश्व कप 2026 के ग्रुप चरण का सबसे बड़ा झटका उरुग्वे की विदाई रही। दो बार की विश्व चैंपियन टीम तीन मैचों में एक भी जीत दर्ज नहीं कर सकी और सिर्फ दो अंकों के साथ बाहर हो गई। सऊदी अरब भी समान अंक और समान गोल अंतर के बावजूद फेयर प्ले नियम में पीछे रहने के कारण नॉकआउट में जगह नहीं बना सका।
ग्रुप I: इराक की वापसी यादगार नहीं बन सकी
40 साल बाद विश्व कप खेलने लौटी इराक की टीम फ्रांस, नॉर्वे और सेनेगल जैसे मजबूत प्रतिद्वंद्वियों के सामने टिक नहीं सकी। टीम ने तीनों मुकाबले गंवाए, एक भी गोल नहीं किया और 12 गोल खाए।
ग्रुप J: जॉर्डन ने इतिहास रचा, लेकिन आगे नहीं बढ़ सका
विश्व कप में पहली बार हिस्सा लेने वाली जॉर्डन तीनों मुकाबले हार गई, लेकिन अली ओलवान का विश्व कप इतिहास का पहला गोल देश के फुटबॉल इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा।
ग्रुप K: उज्बेकिस्तान की उम्मीदें टूटीं
एएफसी क्वालीफायर में शानदार प्रदर्शन करने वाली उज्बेकिस्तान विश्व कप में अपनी लय कायम नहीं रख सकी। कोलंबिया, पुर्तगाल और कांगो डीआर के खिलाफ लगातार हार के बाद टीम बिना अंक के बाहर हो गई।
ग्रुप L: पनामा नहीं कर सका एक भी गोल
पनामा ने तीनों मुकाबले गंवाए और पूरे टूर्नामेंट में एक भी गोल नहीं कर पाया। हालांकि टीम का रक्षात्मक प्रदर्शन कुछ मौकों पर संतोषजनक रहा, लेकिन आक्रमण पूरी तरह नाकाम साबित हुआ।
ग्रुप स्टेज से बाहर होने वाली सभी टीमें
- ग्रुप A: दक्षिण कोरिया, चेकिया
- ग्रुप B: कतर
- ग्रुप C: स्कॉटलैंड, हैती
- ग्रुप D: तुर्किये
- ग्रुप E: कुरासाओ
- ग्रुप F: ट्यूनीशिया
- ग्रुप G: न्यूज़ीलैंड, ईरान
- ग्रुप H: उरुग्वे, सऊदी अरब
- ग्रुप I: इराक
- ग्रुप J: जॉर्डन
- ग्रुप K: उज्बेकिस्तान
- ग्रुप L: पनामा
निष्कर्ष
फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप चरण ने यह दिखाया कि नए 48-टीम प्रारूप में भी प्रतिस्पर्धा बेहद कठिन है। जहां उरुग्वे, दक्षिण कोरिया और तुर्किये जैसी मजबूत टीमों का बाहर होना सबसे बड़ा आश्चर्य रहा, वहीं कुरासाओ और जॉर्डन जैसी नई टीमों ने हार के बावजूद अपने साहसिक प्रदर्शन से दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसकों का सम्मान जीता। अब सभी की नजरें राउंड ऑफ 32 पर होंगी, जहां विश्व चैंपियन बनने की दौड़ और भी रोमांचक होने वाली है।






